अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना (जींद)।
बिजली कर्मचारियों और बिजली उपभोक्ताओं के बीच 31 मई को हुए झगड़े में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किए तो बिजली कर्मी इसके विरोध में उतर आए। कर्मचारियों पर मामला दर्ज होते ही बिजली निगम के सभी कर्मचारियों ने काम छोड़कर हड़ताल कर दी। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ा। मंगलवार रात को तेज हवा के कारण लगभग पूरे शहर की बिजली गुल हो गई, जिससे लोग परेशान रहे। बुधवार को एसडीएम ने मामले में दखल दिया और कर्मचारियों को आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराई। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।
गौरतलब है कि 31 मई देर रात को बिजली शिकायत केंद्र पर बिजली कर्मचारियों व ढाकल रोड के 5-6 लोगों के बीच झगड़ा हो गया था, जिससे दोनों पार्टियों के लोगों को कुछ चोटें भी आई थी। इस मामले में बिजली कर्मचारियों ने कार्यालय में घुसकर मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार पांच दिन तक धरना दिया। पांच जून को बिजली निगम के एसडीओ किताब सिंह की शिकायत पर अनिल, सोनू उर्फ काला व अन्य 4-5 महिलाओं ने बिजली निगम के कार्यालय में आकर ड्यूटी पर तैनात बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। दूसरी ओर, शहर पुलिस ने सोना पत्नी राजेंद्र निवासी ढाकल रोड की शिकायत पर कर्मचारी प्रवीण, नरेश व शिवकुमार के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया था। बुधवार सुबह कर्मचारियों के मारपीट मामले ने तूल पकड़ लिया और देखते ही देखते ही सभी कर्मचारी एक्सईएन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और बिजली कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस नहीं लिया जाता, तब तक कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर रहेेंगे।
शहर में गहराया बिजली की संकट
मंगलवार रात 10 बजे शहर से बिजली गायब थी। लोगों को गर्मी के समय में परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य अस्पताल के मरीजों को भी बिजली समस्या का सामना करना पड़ा। डाक्टर बैटरी की रोशनी में मरीजों का चेकअप करते नजर आए। वहीं, जच्चा-बच्चा वार्ड में महिलाओं को हाथ के पंखे से हवा करनी पड़ी। नरवाना के लघु सचिवालय में भी बिजली न होने के कारण अधिकतर कर्मचारी बरामदों में समय व्यतीत करते नजर आए। लोगों का कहना है कि पूरे शहर में बत्ती गुल है, लेकिन बिजली निगम के अधिकारी अपने दफ्तरों में आराम से हवा खा रहे हैं। लोगों ने कहा कि अधिकारियों को हवा खाने की बजाय इस समय में लोगों बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करवाना चाहिए।
शिकायत केंद्र व कैश काउंटर रहे बंद
बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को लोग बिजली से संबंधी अपना कोई काम नहीं करवा सके। सभी कर्मचारियों ने अपना काम छोड़कर विभाग व पुलिस के विरोध में मोर्चा संभाला हुआ था। इससे बुधवार को शिकायत केंद्र व कैश काउंटर बंद रहा। कुछ लोग बिजली संबंधी अपने अन्य कामों को लेकर भी बिजली निगम के दफ्तरों के चक्कर लगाते नजर आए।
एसडीएम ने किया हस्तक्षेप
शहर की बिजली बंद होने की सूचना पर एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने बिजली कर्मचारियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। बिजली कर्मचारियों ने उन्हें पूरी जानकारी देकर अपनी हड़ताल तोड़ने की शर्त बताई। एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने उन्हें सही फैसला लेने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद बिजली कर्मचारियों को सूचना दी गई कि मारपीट के आरोपी को काबू कर लिया गया है।
बिजली निगम एसडीओ किताब सिंह खोखर ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार शाम तक बिजली सप्लाई बाधित रही। शाम को कर्मचारियों की मांग पूरी हो गई, जिससे बिजली चालू हो गई।
शहर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया है। यही बिजली कर्मचारियों की मांग थी। इसके बाद शहर की बिजली चालू हो गई।
बिजली कर्मचारियों की मांग हुई पूरी : नैन
नरवाना यूनिट के प्रधान रामफल नैन ने बताया कि एसडीएम के हस्तक्षेप से बिजली कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस होंगे और मारपीट के आरोपी को पुलिस ने काबू कर लिया है। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और शहर की बिजली चालू हो गई है।
एसडीएम के हस्तक्षेप से 20 घंटे बाद मिली बिजली
बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच मारपीट का मामला
मामला दर्ज हुआ तो कर्मचारियों ने छोड़ा काम, शहर में गहराया बिजली संकट
बैटरी की रोशनी में हुआ मरीजों का चेकअप, जच्चा बच्चा भी परेशान