जींद। चिकित्सा शिक्षा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) रविवार को जिले के छह केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा में पंजीकृत 3018 में से 2748 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 270 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी केंद्र पर कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। परीक्षा देकर बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार फिजिक्स के प्रश्न अपेक्षाकृत काफी कठिन थे जिससे समय प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण रहा। वैसे उनका पेपर अच्छा हुआ। उन्हें उम्मीद है कि उनका चयन हो जाएगा।
परीक्षा के दौरान एसडीएम सत्यवान सिंह मान सुबह 11 बजे से शाम लगभग 6 बजे तक लगातार शहर के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। परीक्षा के दौरान अंतिम समय में कुछ परीक्षार्थी रास्ता भटक गए और परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने को लेकर घबराहट में आ गए। स्थिति को देखते हुए एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने परीक्षार्थियों को अपनी सरकारी गाड़ी से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया ताकि किसी विद्यार्थी की परीक्षा छूट न जाए।
परीक्षा की निगरानी के लिए 10 प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी
जिला प्रशासन ने नीट परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए सुरक्षा, निगरानी और मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर पेयजल, बिजली, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। परीक्षा की निगरानी के लिए 10 प्रेक्षकों (ऑब्जर्वर) की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा ड्यूटी मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारियों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और एडीसी प्रदीप कुमार, एसडीएम सत्यवान मान ने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की। डीएसपी और एसडीएम सत्यवान सिंह मान लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
पांच दिव्यांग परीक्षार्थियों को 65 मिनट का अतिरिक्त समय दिया
प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर पांच दिव्यांग परीक्षार्थियों को नियमानुसार 65 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी और पुलिस के कड़े पहरे के बीच सभी परीक्षा केंद्रों पर जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश मिला। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
परीक्षा केंद्रों के आसपास बंद रही दुकानें
सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटो स्टेट की दुकानें बंद रही। परीक्षा केंद्रों के बाहर 100 मीटर की दूरी तक पुलिस का सख्त पहरा रहा ताकि परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न करवाया जा सके।
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जिले में नीट की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई है। कहीं पर किसी तरह की परीक्षार्थियों को परेशानी नहीं आई। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर कड़ी नजर रखी। परीक्षा में 270 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। -डॉ. वैशाली शर्मा, डीसी जींद।
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नीट परीक्षा की अच्छी तैयारी की है और अब परीक्षा का बेसब्री से इंतजार है। पेपर कैसा आएगा, यह तो बाद में ही पता चलेगा लेकिन तैयारी पूरी है। -यशिका
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नीट परीक्षा को पहले थोड़ा डर था लेकिन अब वह खत्म हो गया है। अच्छी मेहनत की है इसलिए परीक्षा अच्छी होने की उम्मीद है। -शीतल सैनी
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छह महीनों से नीट की लगातार तैयारी कर रही हूं। मुझे अपनी मेहनत पर भरोसा है और उम्मीद है कि परीक्षा ठीक होगी। पहले भी पेपर ठीक गया था। -पूजा भोला
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अभिभावकों की प्रेरणा और सहयोग से इस बार तैयारी बेहतर रही है। प्रश्न भी तैयारी के अनुरूप आए इसलिए अच्छे रैंक की उम्मीद है।-लक्की।
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परीक्षा के लिए बच्चों को बार-बार भेजना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी तनाव महसूस करते हैं। पहले भी बेटी ने परीक्षा दी थी। उस समय भी अच्छी हुई थी। -नरेंद्र पिल्लूखेड़ा।
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3 मई को आयोजित नीट परीक्षा रद्द होने के बाद कई अभ्यर्थियों के सपने और उम्मीदें एक झटके में टूट गईं। मेरी बेटी दूसरी बार नीट परीक्षा दे रही है। उम्मीद है कि इस बार पेपर लीक नहीं होगा। सरकार को कड़े इंतज़ाम करने चाहिए ताकि बच्चों का हौसला बना रहे। पेपर लीक होने से बच्चों को परेशानी होती है।
-जगदीप सिंह