05जेएनडी01: कला धाम मंदिर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु। स्रोत पूजारी।
जींद। कला धाम मंदिर में विश्व कल्याण एवं सर्व सुख शांति के लिए चल रहा पांच दिवसीय महा अखंड जाप 220वें आनंद अनुभूति महोत्सव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर दिव्य सत्संग व प्रवचन समारोह, नाम दीक्षा समारोह, जरूरतमंदों के सहायतार्थ मासिक राशन वितरण समारोह और भंडारे का आयोजन हुआ।
ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि प्रभु की कृपा तो दिन रात बरसती है, जरूरत है तो अपने पात्र को सीधा, स्वच्छ व शुद्ध पवित्र करने की। परमपिता प्रभु भगवान जी की अपार कृपा, सच्चे प्रेम एवं वास्तविक आनंद को प्राप्त करने के लिए इंसान के पास पूर्ण समर्पण, सत्य गूढ़ ज्ञान एवं शुद्ध पवित्र विचारों का होना अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इंसान का परिचय भले ही चेहरे से होता हो, लेकिन इंसान की संपूर्ण पहचान तो उसकी वाणी, व्यवहार और शुद्ध पवित्र विचारों से ही होती है। भगवान की कृपा पाने के लिए सबसे पहले इंसान को गलत संग, बुरे विचारों और स्वार्थ का त्याग करना जरूरी है, क्योंकि गलत संगत और बुरे विचारों से जहां जगत में अज्ञान और बुराइयां फैलती हैं।
इस अवसर पर डॉ सुखपाल सिंह, ओम प्रकाश कंसल, अनिल गोयल, दीपक बंसल, सन्नी बंसल, शशि भूषण जिंदल, विजेंद्र बंसल, रमेश, मनोज व राकेश मौजूद रहे।