अमर उजाला ब्यूरो
जींद। 16 अप्रैल से प्रदेश स्तर पर चल रही कंप्यूटर आपरेटर की हड़ताल पर जिला प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। जिले में 30 कंप्यूटर आपरेटर की सेवाएं समाप्त और 58 को नोटिस भेजकर 26 तक जवाब मांगा है। इन आपरेटर की हड़ताल के कारण जिले में पिछले एक सप्ताह से लगभग सभी काम पूरी तरह स्थगित हुए थे। प्रतिदिन सैकड़ों लोग तहसील कार्यालयों के चक्कर काटकर वापिस जाने को मजबूर थे।
एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि आम जन की समस्या को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। हड़ताली कुछ आपरेटर की सेवाओं को समाप्त कर दिया है तथा कुछ को नोटिस भेजकर 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अगर हड़ताली आपरेटर तय समय पर जवाब नहीं देंगे तो उनके खिलाफ भी कड़ा स्टैंड लिया जाएगा।
जमाबंदी करवाने आए लोगों को हुई परेशानी
कंप्यूटर आपरेटर की हड़ताल के कारण मंगलवार को जींद के तहसील कार्यालय पर जमकर हंगामा हुआ। अपने काम को लेकर सुबह से आए लोगों ने इन आपरेटरों का दो से तीन घंटे इंतजार किया। इतने लंबे समय तक इंतजार करने के बाद इन लोगों के सब्र का बांध टूट गया और यह लोग अंदर कमरे में बैठे कर्मचारियों से काम की मांग की तो इन कर्मचारियों ने इनके काम को लेकर आनाकानी की। इसके बाद यह लोग तहसीलदार के पास पहुंचे और अपनी समस्या से अवगत करवाया। इस समस्या के समाधान के लिए तहसीलदार ने इन लोगों को एक घंटा तक रुकने के लिए कहा और उसके बाद भी यह लोग घंटो तक खिड़की की तरफ कर्मचारियों के इंतजार में खड़े रहे।
तहसील के कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल से तहसील में नही हो रहे काम
तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र कंप्यूटर आपरेटर की हड़ताल के कारण नहीं बन पा रहे हैं। इनके कारण प्रतिदिन सैकड़ों लोग तहसील कार्यालय पर चक्कर काटने को मजबूर हैं। जुलाना निवासी शिवकुमार ने कहा कि उसकी जमीन का ब्याना दिया जा चुका है और रजिस्ट्री नही हो पा रही है। जिससे उन्हें 20 लाख का नुकसान हो सकता है। शादीपुर के नरेश ने कहा कि उसको जमीन की जमाबंदी करवानी है। वह चार बार तहसील के चक्कर काट चुका है लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर नही मिल रहे है बार बार चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ब्राह्मणवास निवासी अनिल और विजय ने कहा कि उन्हें जाति प्रमाण पत्र बनवाने थे। तहसील में ऑपरेटर नही होने से बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल से लगातार लोगों को परेशानियां हो रही थी। इस पर कार्रवाई करते हुए 30 ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि 58 को नोटिस दिए गए हैं। लोगों को सेवा नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम, जींद।