अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
करीब दो महीने पहले सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट व छेड़छाड़ के मामले में जांच के लिए हिसार के एएसपी राजेश कुमार जांच के लिए जींद पहुंचे।
गौरतलब है कि इस मामले पीड़ित महिला और उसके परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू किया था। इसके बाद परिवार के लोग 12 अप्रैल को डीजीपी से जांच के लिए मिले थे। अब डीजीपी के आदेश पर हिसार के एएसपी राजेश कुमार इस मामले की जांच करने के लिए मंगलवार को जींद पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध
महिला के साथ आंदोलन कर रहे अनुसूचित जाति ए महापंचायत के अध्यक्ष देवीदास वाल्मीकि ने बताया कि एएसपी ने अपनी रीडर से महिला के बयान दर्ज करवाए हैं। इस दौरान महिला ने उन सभी पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है, जिन्होंने इस मामले में लापरवाही बरती है। देवीदास वाल्मीकि ने कहा कि पुलिस ने जानबूझकर इस मामले में एससीएसटी की धाराएं हटा दी। वहीं महिला पुलिस की भूमिका भी सही नहीं रही।
यह है विवाद
सदर थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि वह खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के ही जगदीश ने उसे अपने घर में खींच लिया और उसके साथ मारपीट व छेड़छाड़ की। महिला का आरोप है कि इस सब में उसकी पत्नी ने भी साथ दिया।