अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गर्वनमेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिलाभर के सरकारी चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर काले बिल्ले लगा कर काम किया। सरकारी चिकित्सकों का कहना है कि एसोसिएशन द्वारा मांगों के बारे में स्वास्थ्य विभाग व सरकार को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन इसकी ओर किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गर्वनमेंट डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा चिकित्सकों की विभिन्न मांगों को लेकर रोष व्यक्त करने के लिए काले बिल्ले लगा काम करने का आह्वान किया गया था। जिसका शुक्रवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने समर्थन किया और सभी सरकारी चिकित्सकों ने अस्पतालों में काले बिल्ले लगा कर काम किया। एचसीएमएसए के प्रधान डॉ. बिंदलिश ने कहा कि सरकारी सेवाओं में पहले ही चिकित्सकों की कमी है और नए चिकित्सक बहुत कम सरकारी सेवाओं में आ रहे हैं। जिससे चिकित्सकों पर वर्कलोड तो बढ़ ही रहा है साथ ही आए दिन कई वारदातें भी हो रही हैं। जिसका एसोसिएशन विरोध करती आ रही है। बावजूद इसके सरकारी चिकित्सक प्रदेशभर में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक पूरी तन्मयता से काम कर रहे हैं। एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण चालिया व सह-सचिव डॉ. भोला ने कहा कि सरकारी चिकित्सक सरकारी सेवाओं को ज्वाइन करने के बाद पीजी सीट के लिए हायर एजुकेशन नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा समान काम समान वेतन भी चिकित्सकों को नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकारी चिकित्सकों के लिए 50 प्रतिशत कोटा पीजी सीट के लिए निर्धारित किया जाए। सरकारी चिकित्सकों के लिए ड्यूटी के घंटे निर्धारित किए जाएं। सरकारी सेवाओं में आने वाले नए आने वाले चिकित्सकों को भी समान काम समान वेतन दिया जाए। इसके अलावा नैशनल मेडिकल काउंसिल बिल को रद्द किया जाए साथ ही सरकारी सेवाओं में कार्यरत चिकित्सकों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाए।