40 बसों से एक लाख हो रही कमाई, रोजाना 14 लाख का घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। निजी बस ऑपरेटरों को परमिट देने के विरोध में पिछले 12 दिन से चल रही हड़ताल की वजह से जींद डिपो को प्रतिदिन 14 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। रोडवेज का बेड़ा पहले प्रतिदिन 15 लाख रुपये कमाता था, लेकिन अब यह कमाई महज एक लाख रुपये रह गई है। वहीं शनिवार को रोडवेज की 50 बस चली, जिससे यात्रियों को राहत मिली है। स्कूलों की दो बस पहुंची तो, लेकिन उनकी जरूरत नहीं होने की बात कह कर रोडवेज महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने इन बसों को वापस भेज दिया।
इस दौरान अब अन्य संगठन भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उतर गए हैं। सर्व कर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ ने एक होकर हड़ताल को लेकर आगामी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सर्व कर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ के सदस्यों का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार ने समय रहते रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो दोनों संगठन हड़ताल की रणनीति को एक नया रूप देंगे। अगर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो रोडवेज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अभी आम जनता को संगठन से जोड़ने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। इस दौरान अन्य संगठन भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उतर आए हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की मुसीबत बढ़ गई है।
गौरतलब है कि रोडवेज कर्मचारी निजीकरण के विरोध में 16 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। इससे रोडवेज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोडवेज बेड़े मेें कुल 185 बसे हैं, जिसमें से अभी लगभग 45 से 50 बसे चल रही हैं। इन बसों से लगभग एक लाख रुपये ही राजस्व में जमा हो पा रहे हैं। पहले नियमित रूप से राडवेज की 185 बसे चलने से लगभग 15 लाख रुपये रोजाना राजस्व में जमा होते थे। वहीं अब चार-पांच से रोडवेज की 45 से 50 बसे चलने से एक लाख रुपये ही राजस्व में जमा हो रहे हैं। ऐसे में अब भी रोडवेज विभाग को लगभग 14 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। वही स्कूली बसों से भी रोडवेज को घाटा ही हुआ।
स्कूल बस चलाने में रोडवेज को पांच लाख रुपये घाटा
दशहरा के मौके पर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं होने पर विभाग ने प्रदेश सरकार के आदेशानुसार स्कूली बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया। इस दौरान 30 बस जींद, दस बस नरवाना व दस बस सफीदों चलाई गई। इस दौरान आठ दिन चली स्कूल बसों ने लगभग चार लाख रुपये ही राजस्व में जमा करवाए हैं। इन आठ दिन में स्कूली बस लगभग 32 हजार किलोमीटर चली, इसके हिसाब से 30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से उन्हें स्कूल संचालकों को लगभग नौ लाख 60 हजार रुपये देने हैं। वहीं स्कूल बसों से आठ दिन में केवल चार लाख ही रुपये किराये के रूप में वसूल किए गए हैं।
स्कूली बसों को लौटाया वापस
शनिवार सुबह दो स्कूली बसे रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पहुंची। इस दौरान रोडवेज जीएम ने स्कूली बसों को यह कहकर वापस लौटा दिया कि अब रोडवेज बसे सुचारु रूप से चलना शुरू हो गई हैं। ऐसे में अब स्कूली बसों की आवश्यकता नहीं है। अब रोडवेज बस व प्राइवेट बस ही यात्रियों के लिए चल रही हैं।
ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ी संख्या
रोडवेज की हड़ताल के कारण रेल में सफर करने पर यात्रियों की संख्या में इजाफा दिखाई दिया। पहले की अपेक्षा रेल में लगभग 700 यात्रियों की संख्या बढ़ गई हैै। इससे रेलवे को लगभग 50 हजार रुपये का इजाफा हुआ है।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ और स्वतंत्रता सेनानी संगठन ने भी दिया रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन
रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को सभी विभागों के कर्मचारियों ने एक दिन का अवकाश लेकर रोष प्रकट किया था और रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का कहा। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ, बिजली कर्मचारी, अध्यापक संघ, आंगनबाड़ी वर्कर, कांग्रेस व इनेलो विपक्ष पार्टियों का समर्थन मिल रहा है। वही शनिवार को भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करने के लिए रिटायर्ड कर्मचारी संघ व अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी भी समर्थन के लिए पहुंचे।
अब 64 ड्राइवरों के हाथ में कमान
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश सरकार ने 14 एसएस बोर्ड के तहत व 17 ठेकेदार चालकों की मदद से रोडवेज बस चलाई जा रही थी। अब शनिवार को रोडवेज जीएम ने 37 कर्मचारियों की भर्ती की है। ऐसे में अब रोडवेज की 50 बस ठेकेदार चालक व 14 एएस बोर्ड के तहत लगे नए चालकों की मदद से 64 बस चलाने का प्रयास रहेगा। वहीं परिचालक के तौर पर 100 एसपीओ को तैनात किया गया है। 70 एसपीओ जींद, 15 नरवाना व 15 सफीदों मे तैनात किया गया है।
निजीकरण को किसी भी सूरत में नहीं किया जाएगा सहन : साधुराम
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में जिला उपायुक्त कार्यालय पर चल रहा क्रमिक अनशन शनिवार को समाप्त कर दिया। जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि राज्य कमेटी के आह्वान पर सभी कर्मचारी मिलकर संयुक्त रूप से मजबूती के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे। सभी विभागों के कर्मचारी और संगठन संबंधित पदाधिकारी सभी जिलों में मिलकर सांझा आंदोलन करेंगे।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान साधु राम ने कहा कि सरकार 11 दिन से चली आ रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है और निजीकरण पर उतारू है। सभी विभागों के कर्मचारी सरकार के इस रवैये से रोष में हैं। अब सांझे आंदोलन के द्वारा निजीकरण की नीतियों को वापस करवा कर ही दम लेंगे। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, धर्मबीर भंभेवा, महेंद्र गौतम, रामफल दलाल, आजाद पांचाल, रणधीर कुंडू, रोहताश आसन, सत्येंद्र गौतम मौजूद रहे।