रोडवेज बस नहीं रुकनेे पर विद्यार्थियों ने लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बराह खुर्द गांव के बस स्टॉप पर रोडवेज की बस नहीं रुकनेे से परेशान विद्यार्थियों ने शुक्रवार सुबह जींद-गोहाना मार्ग जाम कर दिया। सुबह साढ़े नौ बजे लगे जाम के कारण रधाना गांव से लेकर सिंधवीखेड़ा गांव तक करीब छह किलोमीटर लंबा जाम लग गया। करीब एक घंटे के बाद साढ़े दस बजे तहसीलदार द्वारा बस ठहराव का आश्वासन देने पर विद्यार्थियों ने जाम खोला। इस दौरान जाम में फंसे वाहनों से यातायात सामान्य करवाने में पुलिस को करीब 40 मिनट लग गए।
जाम लगा रहे बराह खुर्द गांव के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े आठ बजे से नौ बजे तक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पहुंचना होता है। इसके चलते वे आठ बजे ही गांव के बस स्टॉप पर आ जाते हैं, लेकिन यहां रोडवेज की बस नहीं रुकनेे से वे समय पर शिक्षण संस्थान नहीं पहुंच पाते हैं। इस मौके पर पहुंचे जींद के तहसीलदार प्रवीण कुमार से विद्यार्थियों ने कहा कि आए दिन शिक्षण संस्थाओं में देरी होने से कई बार उन्हें बस स्टॉप से ही वापस घर जाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि वे रोडवेज अधिकारियों से बातचीत कर यहां बस का ठहराव सुनिश्चित करेंगे। इस पर विद्यार्थी जाम खोलने पर राजी हो गए। इस पर पुलिस ने विद्यार्थियों द्वारा सड़क पर डाले गए अवरोधों को हटा कर रास्ता साफ किया।
फंसे रहे यात्री, हुए परेशान
जिस समय विद्यार्थियों ने सड़क जाम की वह पीक समय होता है। अपने काम पर आने वाले लोग निजी व सार्वजनिक वाहनों से जींद आ रहे थे। वहीं गोहाना की तरफ भी काफी वाहन जा रहे थे। यह सभी वाहन बीच रास्ते फंस गए। इसके चलते रधाना गांव से लेकर सिंधवीखेड़ा गांव तक करीब छह किलोमीटर लंबा जाम लग गया और वाहनों बैठे यात्री बीच रास्ते फंस गए। हालांकि कुछ वाहनों को सिंधवीखेड़ा व पिंडारा के रास्ते सफीदों रोड से निकाला गया, लेकिन अधिकतर वाहन इस प्रकार फंस गए थे कि वे पीछे भी नहीं हट पा रहे थे।
आए दिन रोडवेज कर्मचारियों की मनमानी आ रही है सामने
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा बस नहीं रोकने पर पिछले एक माह में चौथी बार जाम लगा है। इससे पहले सुदकैन व मनोहरपुर गांवों में भी विद्यार्थियों द्वारा बस नहीं रुकनेे के चलते जाम लगाया जा चुका है। इससे रोडवेज कर्मचारियों की मनमानी सामने आ रही है।
हर दिन हो रही है परेशानी
हर दिन परेशानी हो रही है। शिक्षण संस्थानों में महंगी फीस भर कर दाखिले लेते हैं, कि बस नहीं रुकनेे के कारण पहुंच भी नहीं पाते। इसके चलते आए दिन परेशानी होती है।
प्रवीण, छात्र
अधिकारियों को है जानकारी
रोडवेज अधिकारियों को बस का नंबर देने की जरूर नहीं है। उन्हें पता है कि सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ बजे तक कौन-कौन सी बस आई हैं। इसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन अधिकारी टाल रहे हैं।
मनीष, छात्र।
इससे पहले इस प्रकार की शिकायत नहीं आई है। यदि कोई चालक बस नहीं रोकता है तो उस बस का नंबर नोट कर उसकी शिकायत अधिकारियों को की जानी चाहिए। उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। यहां बस का ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक, जींद डिपो।
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