अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आरटीआई के आधार पर नागरिक अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने वाले नेत्र चिकित्सा सहायक राजबीर बेरवाल के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया विभाग में कार्यरत एमपीएचएस देवेंद्र शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। देवेंद्र शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की गरिमा के खिलाफ बयानबाजी करके सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 2016 का उल्लंघन किया है। देवेंद्र शर्मा को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
अस्पताल नेत्र चिकित्सा सहायक बेरवाल ने चार जुलाई को पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाए थे कि पिछले दो साल में वर्तमान सिविल सर्जन के आने के बाद 790 लोगों को नौकरी के लिए मेडिकल करवाने अग्रोहा भेजा गया। बेरवाल का कहना था कि यह सुविधा लोगों को नागरिक अस्पताल जींद में ही मिलनी चाहिए। उनकी पत्रकार वार्ता को अस्पताल प्रबंधन ने विभाग के नियमों के खिलाफ माना था और उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पत्रकार वार्ता में देवेंद्र शर्मा भी मौजूद थे। इसी कारण अब उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया का कहना है कि सरकारी कर्मचारी इस प्रकार से पत्रकार वार्ता नहीं कर सकता। विशेषकर अपने ही विभाग में यदि कोई बात है तो उसे सही मंच पर उठानी चाहिए। अस्पताल के अधिकारियों का मानना है कि ऐसा कर राजबीर बेरवाल व देवेंद्र शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल की है। ऐसे में उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है और इसकी शिकायत सरकार को भेजी जाएगी। बेरवाल ने सोमवार को नोटिस का जवाब दे दिया। देवेंद्र शर्मा ने कहा कि वे दो दिन में नोटिस का जवाब दे देंगे।