नंदीशाला में गायों व नंदियों के लिए नहीं शेड की सही व्यवस्था, गर्मी से बीमार हो रही हैं गायें
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने मंगलवार को जींद में जयंती देवी मंदिर के सामने स्थित नंदीशाला में शेड निर्माण के नींव रखने के लिए किए गए कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। मंगला ने कहा कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनमें गोबर की डंडी व गोमुत्र से उपायोगी औषधियां तैयार करने जैसी गतिविधियों पर काम शुरू किया जाएगा। इसमें प्रयोग होनेे वाली मशीनरी पर 90 प्रतिशत का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने जिले की आठ गोशालाओं के लिए 66 लाख की अनुदान राशि के चेक भी विभिन्न गोशाला संचालकों में बांटे। वहीं मंगला ने माना कि नंदीशाला में गोवंश के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शेड नहीं होने के कारण गोवंश गर्मी के कारण बीमार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पशु नस्ल सुधार की दिशा में भी कदम उठाए हैं। गोमुत्र से फिनाइल व अरक जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। किसी भी गोशाला में पैसे की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के लिए खरीदी जाने वाली जमीन को स्टांप ड्यूटी से मुक्त रखा गया है।
गर्मी से मर रही हर तीन दिन में एक गाय
गोशाला में काम कर रहे स्वयंसेवी ने कहा कि गर्मी की वजह से हर तीन दिन में एक गाय की मौत हो जाती है। गायों की संख्या को देखते हुए गोशाला में गायों के लिए पर्याप्त शेड नहीं हैं जिस कारण ज्यादातर गाय गर्मी में मरती रहती हैं। इसके चलते गायों की मौत हो रही है।
नहीं है चारा काटने के लिए मशीन
गोशाला में ट्रैक्टर द्वारा लाया गया चारा गायों को खुले में ही डाला जाता है। चारा काटने के लिए मशीन नहीं है। जब गायों के लिए चारा आता है तो सारी गाय ट्रैक्टर के पीछे-पीछे दौड़ पड़ती हैं जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो जाता है और गायों का चोटिल होने का खतरा भी बढ़ जाता है।