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धुलिया हुआ मौसम, लोगों की बढ़ी परेशानी, दिन भर आंखों में रही जलन, मुंह ढक कर चलने का मजबूर हुए लोग

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। मौसम में आए बदलावों से बुधवार को मौसम धूल भरा रहा। हवा में प्रदूषण का स्तर 700 अंक के पार पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया। विशेषकर अस्थमा के मरीजों को काफी परेशानी हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मानवीय गतिविधियों के चलते हवा में धूल की मात्रा बढ़ने से यह स्थिति बनी है। शुक्रवार तक इससे राहत मिलने की संभावना है।
शनिवार को बारिश के बाद एक बार तो मौसम में प्रदूषण का स्तर कम हुआ, लेकिन इसके बाद से फिर बढने लगा। मंगलवार को हवा में प्रदूषण की मात्रा एक्यूआई (एयर क्वालीटि इंडेक्स) 600 के पार तो बुधवार को यह 700 के पार पहुंच गया। सुबह से ही हवा में धूल की मात्रा अधिक होने से आसमान धूल से ढका रहा। जैसे-जैस दिन चढ़ा और तेज हवा चली, इससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी। दिन में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में आंखों में जलने के मामले पिछले दिनों के मुकाबले अधिक पहुंचे। नागरिक अस्पताल के डॉ. रामकुमार शर्मा के अनुसार पहले जहां 30 मरीज आंखों की जांच करवाने आते थे, वहीं बुधवार को करीब 70 लोगों जांच करवाई।
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स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल के अनुसार एक्यूआई 50 तक अच्छा माना जाता है। इससे अधिक होने पर इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने लगता है। एक्यूआई 400 से पार जाने पर यह बहुत ही खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। बुधवार को प्रदूषण का स्तर 700 से पार चला गया है। इससे लोगों को खांसी की दिक्कत हो सकती है।
सड़कों पर उड़ती रही धूल
हवा में धूल होने के बावजूद दिनभर करीब 15 से 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस पर सड़कों पर धूल उड़ती रही और लोगों को परेशानी हुई।
बारिश के आसार
हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शुक्रवार तक धूल छंटने की संभावना जता रहा है, लेकिन इसी सप्ताह के अंत तक बारिश हो सकती है। इससे धूल सही प्रकार से धुलने की संभावना है। हवा में धूल अधिक होने के कारण काफी परेशानी हुई। दिन भर सांस लेना भी मुश्किल रहा। सड़कों पर उड़ी धूल के कारण बाहर निकलना दूभर रहा। बारिश आए तो राहत मिले।
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-विष्णु दत्त शास्त्री।
अस्थमा के मरीज न निकलें बाहर
इस प्रकार के मौसम में अस्थमा के मरीजों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी रखनी होती है। बहुत अधिक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें। आंखों पर चश्मा पहनें। बार-बार आंखों में ठंडे पानी के छींटे मारते रहें। रात को सोने से पहले आंखों को ठंडे पानी से साफ करें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
-डॉ. रामकुमार, नेत्र चिकित्सक, नागरिक अस्पताल जींद।
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