14जेएनडी02: जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय। संवाद
जींद। जिले के पांच गांवों में काफी समय से चली आ रही पेयजल की समस्या को जनस्वास्थ्य विभाग दूर करेगा। इसके लिए विभाग लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इससे गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
इस योजना से करीब 20 हजार ग्रामीणों को राहत मिलेगी। योजना के तहत ईंटल कला, खुर्द और जलालपुर कलां गांवों में नए जलघर बनाए जाएंगे। इन जलघरों के निर्माण से क्षेत्रों में पानी का भंडारण बढ़ेगा और नियमित रूप से घर-घर जल आपूर्ति हो सकेगी। वहीं संगतपुरा और जाजवान गांवों में पहले से बने जलघरों का अपग्रेड किया जाएगा ताकि पुरानी और कमजोर हो चुकी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके।
इससे पानी की सप्लाई में होने वाली रुकावटें कम होंगी और आपूर्ति के लिए दबाव भी बेहतर रहेगा। गर्मी के मौसम में इन गांवों के लोगों को अब तक सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। कई स्थानों पर पानी की लाइनें नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था।
महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाई होती थी जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। कई बार जरूरत के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था जिससे दैनिक जीवन और पशुपालन प्रभावित होते थे। नई योजना लागू होने के बाद जिन गांवों में पेयजल की लाइन नहीं है, वहां नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।
नियमित जलापूर्ति होने से ग्रामीणों को गर्मी में पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और समय की भी बचत होगी। स्वच्छ पानी मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि दूषित जल के उपयोग से फैलने वाली बीमारियां कम होंगी।
वर्जन
गांवों में वर्षों पुरानी पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी। ग्रामीणों को प्रतिदिन जरूरत के अनुसार पेयजल मिलेगा। बेहतर जल व्यवस्था से न केवल दैनिक जीवन आसान होगा बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। गर्मी के मौसम में राहत मिलने से लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और जल संकट खत्म हो जाएगा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। वहां से मंजूरी मिलते ही कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।-भानू प्रकाश, एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।