प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रमाण मिला तो यहां मिलेंगी विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सब कुछ ठीकठाक रहा तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा को जल्द ही राष्ट्रीय प्रमाणित करण आश्वासन योजना के तहत प्रमाण-पत्र मिलेगा। यह प्रमाण-पत्र मिलने के बाद इस स्वास्थ्य केंद्र में विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जल्द ही मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की टीम इस स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करेगी। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में काफी स्टाफ को डेपुटेशन पर भी भेज दिया है।
जींद जिले के एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा का चयन राष्ट्रीय प्रमाणित करण आश्वासन योजना के तहत हुआ है। अब तक जिले का नागरिक अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का चयन भी नहीं हुआ है। इस स्वास्थ्य केंद्र का 15 मार्च के बाद मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की टीम दौरा करेगी। अगर टीम को यहां सब कुछ ठीक मिला तो इसके बाद इस स्वास्थ्य केंद्र को एक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जो यह बताएगा कि इस स्वास्थ्य केंद्र में विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। यह प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य से संबंधित काफी बिंदुओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके साथ-साथ यह टीम इस स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जांच करेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग के क्वालिटी कंट्रोल के नोडल अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने प्रतिदिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा में चिकित्सकों व स्टाफ की बैठक ले रहे हैं।
इन बिंदुओं की टीम करेगी जांच
राष्ट्रीय प्रमाणित करण आश्वासन योजना के तहत वैसे तो सैकड़ों बिंदु आते हैं लेकिन इसमें खास इस बात का ध्यान रखा जाता है कि चिकित्सक किस प्रकार की दवाएं मरीजों के लिए लिखते हैं। सभी प्रकार की दवाएं स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हैं या नहीं। स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई को किस मुकाम तक पहुंचाया गया है। बायो वेस्ट को सही तरीके से डिस्पोज किया जा रहा है या नहीं। सूखा बायो वेस्ट अलग और गीला बायोवेस्ट अलग डिस्पोज करना होता है। लेबर रूम में किस प्रकार से स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। हर चिकित्सक यहां आने वाले मरीजों के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते हैं। स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग किसी निजी अस्पताल की तरह साफ और चकाचक है या नहीं। इसके साथ-साथ बाथरूम, प्रयोगशाला, दवाई वितरण किस प्रकार से किया जा रहा है। सिरिंज लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी या अधिकारी दस्ताने पहनते हैं या नहीं।
सिविल सर्जन ने की स्टाफ की नियुक्ति
सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा में दरियावाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूरज प्रकाश, खरक रामजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला चिकित्सक डॉ. अन्नु, नागरिक अस्पताल से औषधाकार योगेंद्र सिंह, लैब तकनीशियन वीरेंद्र और सफीदों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेखा सहायक गौरव की नियुक्ति की है। इससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ रहा।
क्या कहते हैं नोडल अधिकारी
नागरिक अस्पताल के क्वालिटी कंट्रोल के नोडल अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा में सभी प्रकार की सुविधाएं मौजूद हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय प्रमाणित करण आश्वासन योजना के तहत प्रमाण-पत्र जरूर मिलेगा। यदि अलेवा को यह प्रमाण-पत्र मिलता है तो उसके बाद डूमरखां गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी चयन इस योजना के तहत करवाया जाएगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलेवा के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि हर बिंदु की गुणवत्ता का वे खुद निरीक्षण कर चुके हैं। सब कुछ राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुसार तैयार किया गया है। अलेवा का चयन होने के बाद विश्व में अलेवा का नाम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाएगा।