ओवर टाइम बंद होने से चार रूटों पर नहीं चल पाईं बसें, यात्री परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरकार द्वारा रोडवेज में ओवर टाइम समाप्त करने के बाद रोडवेज का बेड़ा पटरी पर नहीं लौट पा रहा है। इसका कारण है दफ्तरी सीटों पर बैठे चालक व परिचालक। रोडवेज द्वारा आदेश जारी करने के बाद हालांकि चालक अपने मूल काम पर लौट आए हैं, लेकिन परिचालक अभी भी कार्यालयों में ही काम कर रहे हैं। ऐसे में रूट पर बस चलाने में काफी परेशानी आ रही है। इसको लेकर मंगलवार को दिनभर अधिकारियों ने मशक्कत की, लेकिन नई रोटेशन पर कोई सहमति नहीं बन पाई। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। मंगलवार को चार लोकल रूटों पर बसों का परिचालन नहीं हो सका। इसके चलते सबसे अधिक परेशानी उन विद्यार्थियों को उठानी पड़ी, जिनके बस पास बने हुए हैं।
जींद डिपो की 172 बसें 100 रूटों पर चलती हैं, लेकिन ओवर टाइम समाप्त होने के बाद करीब 25 रूटों पर बसों को भेजने में दिक्कत आ रही है। इनमें अधिकतर लोकल और लंबी दूरी के रूट की बसे हैं। रोडवेज कर्मचारियों की मानें तो नई व्यवस्था का असर बसों के परिचालन पर पड़ रहा है। जो बस गोहाना या कैथल और रोहतक के आठ चक्कर लगाती थीं, अब उसके चार चक्कर ही लगवाए जा रहे हैं। वहीं कुछ बसों की रोटेशने पास के शहर से बनाई थी, अब यह रोटेशन जींद से ही बनेगी। मंगलवार को नई रोटेशन के लिए दिनभर अधिकारियों ने माथापच्ची की, लेकिन यह तैयार नहीं हो सकी। अब रोडवेज जीएम ने दो दिन तक नए रोटेशन बनाने के आदेश दिए हैं। दो दिन तक लोगों को अपने गंतव्य तक आने-जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लोकल रूटों पर हुई परेशानी
हालांकि मंगलवार को लंबे रूटों पर बस सुचारू रूप से चली, लेकिन अन्य विभागों में काम कर रहे परिचालक अपने काम पर वापस नहीं लौटे, जिस कारण मंगलवार को परिचालक नहीं होने के कारण पिल्लूखेड़ा, खरेंटी, कोथ व खूंगा लोकल रूटों पर बस नहीं चली। इन रूटों पर ज्यादातर विद्यार्थी सफर करते हैं। बस नहीं आने पर विद्यार्थी डीआई के दफ्तर पहुंच गए, जहां डीआई विभाग अधिकारी अजीत नेहरा ने प्रदेश सरकार द्वारा ओवर टाइम बंद करने के बाद परिचालकों के नहीं होने की बात कही।
यात्रियों को होगी परेशानी
सरकार का यह फैसला यात्रियों पर भारी पड़ेगा। नई व्यवस्था के बाद कैथल डिपो जींद, उचाना और पिल्लूखेड़ा की रात्रि सेवा बंद कर दी है। इसी प्रकार जींद से पानीपत होकर सालासर जाने वाली बस को भी जींद से ही चलाया जाएगा। गंगानगर वाली बस भी अब तक पानीपत होकर जाती थी। अब यह बस भी सीधी जींद से जाएगी। इससे यात्रियों को परेशानी होगी। साथ ही यह रूट सबसे अधिक कमाई वाले हैं। इससे रोडवेज की आमदनी प्रभावित होगी।
लंबे रूटों पर चलने वाले बसों के लिए किया जाएगा समावेश
विभाग में चालक व परिचालकों की कमी नहीं है। ऐसे में लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर चालक व परिचालकों की समय सारणी में समय समावेश किया जाएगा। लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर आठ घंटे से ज्यादा का समय लगता है। अगर लंबे रूट पर चालक व परिचालक आठ घंटे से ज्यादा काम करता है तो अगले दिन चालक व परिचालक से कम काम लिया जाएगा। रोटेशन इस प्रकार से बनाया जाएगा कि कर्मचारी को आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जाएगा।
प्रदीप कुमार, रोडवेज जीएम।
एक या दो दिन यात्रियों को हो सकती है परेशानी
ओवर टाइम खत्म करने के बाद नई समय सारणी बनाई जाएगी। जिसमें कुछ बसों के समय में बदलाव किए जाएंगे। जिसके बाद कुछ दिन तक लोगों को नई समय सारणी के हिसाब से दिक्कत आएगी। ओवर टाइम खत्म होने के बाद सारे परिचालक अपनी ड्यूटी पर नहं पहुचें हैं। जिस कारण मंगलवार को लोकल रूटों पर बस नहीं चली और विद्याथियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। एक या दो दिन में परिचालक भी अपनी ड्यूटी पर आ जाएंगे और नई समय सारणी भी बन जाएगी। इसके बाद सुचारू रूप सेे बस चल पाएगी।
अजीत नेहरा, डीआई।
इन विभागों में पड़ी कर्मचारियों की कमी
फिलहाल परिचालकों व चालकों को उनके मूल काम से हटाकर दफ्तरी कामों में लगाया गया है। नए नियम के बाद यार्ड विभाग, कंप्यूटर ऑपरेटिंग व फ्लाइंग विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों को अपने मूल काम पर लौटना होगा। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटिंग कार्य व फ्लाइंग विभाग में विशेष रूप से कार्य बाधित रहेंगे। अब कर्मचारियों को आठ घंटे की ड्यूटी करवाने के आदेश के बाद चालक व परिचालकों की ड्यूटी समय में समावेश किया जाएगा।