अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई करने के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी सोमवार को जींद पहुंची। इस दौरान उनके समक्ष चार मामले रखे गए, लेकिन एक मामले में वर पक्ष से लोग नहीं आने से उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं एक अन्य मामले में महज एक दिन चली शादी के पति-पत्नी की मेडिकल जांच करवाने के आदेश दिए गए हैं।
मामले के अनुसार जुलाना क्षेत्र के एक गांव की दो बहनों की शादी हिसार जिला के एक गांव में आठ मार्च को हुई थी। शादी के अगले ही दिन एक युवक ने पत्नी पर किन्नर होने का आरोप लगाते हुए उसे वापस घर भेज दिया। इसके साथ ही उसकी दूसरी बहन भी मायके लौट आई। इसके बाद युवती महिला आयोग को शिकायत की। इसकी सुनवाई के लिए पहुंची आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने बताया कि इस मामले में लड़के व लड़की का मेडिकल परीक्षण करवाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही लड़के के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। इसकी जांच डीएसपी रामभज को सौंपी गई है। इस मामले में युवती का आरोप है कि उसका पति शरीरिक रूप से कमजोर है, जबकि लड़का कह रहा है कि धोखे से उसकी शादी ऐसी लड़की से की गई है, जो किन्नर है। महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
दूसरे मामले में जींद निवासी स्वाति की शादी 2016 में करनाल निवासी मनोज के साथ हुई थी। स्वाति का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसके ससुर व सास उसे पति से दूर रखने लगे। इतना ही नहीं उसके साथ मारपीट भी की गई। उसका पति विदेश में रहता है और उससे बात तक नहीं करता। वहीं सुनवाई पर पहुंचे महिला के ससुर करनाल निवासी रामभज ने कहा कि स्वाति ने कई बार कहा है कि वह मनोज के साथ रहना नहीं चाहती। इस पर महिला आयोग की सदस्य ने दोनों पक्षों को 16 अप्रैल को पंचकूला मुख्यालय तलब किया है। वहीं एक अन्य मामले में भूपेंद्र नगर निवासी अभिलाषा ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। महिला आयोग की टीम ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद इसमें आगे कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। एक अन्य शिकायत में जींद निवासी महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज प्रताड़ना और पति के साथ नहीं रखने के आरोप लगाए हैं। इस पर महिला पुलिस ने रिपोर्ट दी कि पुलिस महिला के पति को बुलाने के लिए मुंबई टीम भेजी हैं, लेकिन वह मिल नहीं रहा है। इस पर महिला आयोग की सदस्य सुनम बेदी ने आदेश दिए कि मुंबई पुलिस के माध्यम से महिला के पति को लाया जाए। इस की सुनवाई भी 16 अप्रैल को मुख्यालय में होगी।