विवाह योग्य 1000 लड़कों पर सिर्फ 600 लड़कियां : गोयल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय अग्रवाल समाज के प्रधान राजकुमार गोयल ने कहा कि हरियाणा में 1000 विवाह योग्य लड़कों पर सिर्फ 600 लड़कियां ही रह गई हैं। इतना ही नहीं यह लिंगानुपात और ज्यादा बिगड़ता जा रहा है। अगर सरकार ने इस ओर जल्द कदम नहीं उठाया तो लगता है कि हर दूसरा लड़का कुंवारा रह जाएगा। अग्रवाल समाज ने सरकार से मांग की कि रिश्ता आयोग का गठन करके पूरे प्रदेश में जल्द से जल्द सर्वे करवाकर विवाह योग्य प्रत्याशियों के डाटा एकत्रित किया जाए। अगर सरकार ऐसी करती है तो जो आंकड़े सामने आएंगे वे काफी चौंकाने वाले होंगे।
राजकुमार गोयल का कहना है कि 30 सितंबर को जींद में उत्तर भारत स्तर का विवाह योग्य अग्रवाल युवक-युवती परिचय सम्मेलन करवाया जा रहा है। परिचय सम्मेलन को लेकर पिछले कई महीनों से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जो मंथन सामने आ रहा है। उससे यह साफ है कि प्रदेश में कुंवारे लड़कों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। जितने कुंवारे लड़के हैं, लड़कियां उससे आधी हैं। इतना ही नहीं परिचय सम्मेलन को लेकर जितनी भी इन्कवायरीज अग्रवाल समाज के पास आ रही हैं, उसमें लड़कों की इन्कवायरीज लड़कियों की से दोगुनी हैं। इसके साथ-साथ जो डोर टू डोर प्रचार किया जा रहा है, उसमें भी यहीं स्थिति सामने आ रही है, जितनी लड़कियां कुंवारी हैं, लड़के उनसे दोगुने कुंवारे हैं।
गोयल का कहना है कि सरकार भले ही यह दावा कर रही है कि जन्मदर 1000 के पीछे 900 या 950 है, लेकिन विवाह योग्य दर 1000 के पीछे 600 से ज्यादा नहीं है। गोयल ने सरकार से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। प्रदेश में जल्द रिश्ता आयोग का गठन किया जाए और पूरे प्रदेश के विवाह योग्य लड़के-लड़कियों का डाटा हर घर की चौखट पर जाकर एकत्रित किया जाए। गोयल का कहना है कि अगर सरकार ऐसा करती है और सही डाटा जनता के सामने पेश करती है तो आंकड़े वास्तव में चौंकाने वाले होंगे। गोयल का कहना है कि प्रदेश में खतरनाक स्तर पर अविवाहित युवकों की बढ़ोत्तरी होती जा रही है।