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खरीद केंद्रों में नहीं गेहूं डालने की जगह, मिट्टी में मिल रहा किसानों का पीला सोना

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। जिले की विभिन्न अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में उठान नहीं होने के कारण गेहूं डालने के लिए जगह नहीं मिल रही। इस कारण किसानों का पीला सोना मिट्टी में मिल रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों की करोड़ों रुपये की पेमेंट भी अटकी हुई है। जींद की अनाज मंडी में अभी लगभग पांच लाख गेहूं के कट्टे उठान नहीं होने के कारण रखे हुए हैं। किसानों की पेमेंट तो आढ़ती कर रहे हैं लेकिन खरीद एजेंसियों की तरफ आढ़तियों के साढ़े 21 करोड़ रुपये बकाया हैं। मंडियों के गेट पर भी गेहूं ही गेहूं नजर आ रहा है। खरीद एजेंसियों की तरफ से दिए जाने वाले खाली कट्टे का वजन 500 ग्राम है जबकि इसकी एवज में किसानों का 800 ग्राम गेहूं काटा जा रहा है।
अनाज मंडी में सरकार की तरफ से एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की जानी थी लेकिन खरीद एजेंसियों ने गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण गेहूं खरीद से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद आठ अप्रैल को गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। जींद की अनाज मंडी में अब तक छह लाख 66 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इनमें पांच लाख कट्टों का उठान नहीं हो पाया है। गेहूं का उठान नहीं होने के कारण अनाज मंडी के गेट व सड़क पर भी किसान गेहूं डालने को मजबूर हो रहे हैं। साफ जगह नहीं मिलने के कारण इससे किसानों की गेहूं मिट्टी में मिल रही है। वहीं शामलो कलां खरीद केंद्र में बारदाना खत्म हो चुका है। मंडी में एक लाख कट्टे गेहूं आ चुकी है, जिनमें से आधी का भी उठान नहीं हो पाया है। शामलो कलां खरीद केंद्र में जगह नहीं मिलने के कारण गलियों तक गेहूं पहुंच चुका है। 11 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी और खरीद एजेंसियों की तरफ से अब तक 14 अप्रैल तक की ही पैमेंट हुई। किसानों के करोड़ों रुपये की पेमेंट अभी तक बकाया है। 14 अप्रैल के बाद अब तक खरीद एजेंसियों ने कोई पेमेंट नहीं की। शामलो कलां के खरीद केंद्र में न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी व शौचालय की। किसानों को इस कारण भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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कट्टे के वजन को लेकर लगे आरोप
कुछ किसानों ने खाली कट्टे के वजन को लेकर भी आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि कट्टे का वजन 800 ग्राम काटा जा रहा है जबकि खाली कट्टे का वजन 580 ग्राम है। गांव जलालपुर कलां के किसान वेद सिंह व खोखरी के किसान रामबीर ने कहा कि कट्टे के वजन को लेकर भी किसानों को चूना लगाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि वजन के समय अलग-अलग जगह अलग-अलग वजन काटा जाता है। कहीं 900 ग्राम तो कहीं 800 ग्राम कट्टे का वजन काटा जाता है। मार्केट कमेटी सचिव पवन चौपड़ा ने कहा कि कट्टे का वजन 580 ग्राम काटा जाता है, जो वास्तविक है। यदि किसी किसान को दिक्कत है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। पेमेंट की कोई दिक्कत नहीं है। तीसरे दिन पैमेंट की जा रही है।
मार्केट कमेटी सचिव पवन चौपड़ा

जींद में चार एजेंसियां खरीद रही गेहूं
जिले में चार अलग-अलग एजेंसियां गेहूं खरीद का कार्य कर रही हैं। इनमें फूड सप्लाई, हेफेड, एफसीआई व हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन शामिल हैं। सभी एजेंसियों अलग-अलग दिन अलग-अलग अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद कर रही हैं।

उचाना की अनाज मंडी में अब तक 9 लाख 33 हजार 375 क्विंटल गेहूं की फसल आ चुकी है। अब तक परचेज सेंटर, मंडी से पचास प्रतिशत का खरीद के हिसाब से उठान नहीं हुआ है। अब तक 9 लाख 33 हजार 375 क्विंटल में से तीन लाख 44 हजार 495 क्विंटल का उठान हुआ है। पांच लाख 88 हजार 880 क्विंटल का उठान नहीं हुआ है। मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह ने कहा कि धीमी उठान करने को लेकर एजेंसियों को नोटिस दिए जा चुके हैं। उठान में तेजी नहीं हुई तो दोबारा से फिर नोटिस दिए जाएंगे। अब आवक कम होने लगी है।
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नरवाना मंडी में गेंहू खरीद की 76 करोड़ की राशि बकाया
नरवाना मंडी के किसान और आढ़ती अदायगी तथा उठान को लेकर काफी परेशान हैं। गेहूं की फसल के 76 करोड़ की राशि बकाया है। करीब नौ लाख बैग मंडी में पड़े हैं, जिससे और गेहूं नहीं डाली जा रही। फूड सप्लाई और हैफेड गेहूं की फसल की खरीद कर रहे हैं। फूड सप्लाई ने शनिवार तक करीब पांच लाख बैग की खरीद की है। इनमें से एक लाख 55 हजार बैग ही उठ पाए हैं। बाकी तीन लाख 45 मंडी में अटे पड़े हैं। फूड सप्लाई ने 13 अप्रैल तक की खरीद की अदायगी की है। पिछले आठ दिनों से अदायगी बाकी है जबकि अदायगी 72 घंटे में होनी चाहिए। फूड सप्लाई के 26 करोड़ रुपये बकाया है। हैफेड ने शनिवार तक करीब साढ़े आठ लाख बैगों की खरीद की जिसमें से तीन लाख बैगों ही उठ पाएं हैं। बाकी के करीब पांच लाख बैग मंडी में अटे पड़े हैं। हैफेड ने 17 अप्रैल तक की अदायगी की है। हैफेड की पचास करोड़ की अदायगी बकाया है।
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