जींद। शहर को स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद की ओर से किए जा रहे प्रयास के तहत अब शहर में 12 मोबाइल शौचालय चलेंगे। इनमें से दो मोबाइल शौचालय तैयार हो चुके हैं और इसी सप्ताह जींद पहुंचने की संभावना है। वहीं नगर परिषद की ओर से शहर में अलग-अलग स्थानों पर 60 पक्के शौचालय भी बनाए जा रहे हैं।
नगरपरिषद ने 25 अगस्त तक शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत जहां 19 टीम सुबह-सुबह लोगों को खुले में शौच करने से रोक रही हैं, वहीं अब पक्के और मोबाइल शौचालय इस काम में काफी मदद करेंगे। नगरपरिषद ने कुल 12 मोबाइल शौचालयों के लिए टेंडर दिया है। एक मोबाइल शौचालय पर करीब 2.39 लाख रुपये खर्च आएगा। पहले चरण के लिए दो मोबाइल शौचालय तैयार करवाए जा चुके हैं। एक मोबाइल शौचालय में दस सीट होंगी, जिसमें पांच महिलाओं और पांच पुरुषों के लिए होंगी।
ऐसे काम करेंगे मोबाइल शौचालय
मोबाइल शौचालयों को जरूरत के अनुसार और समय के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर ले जाया जाएगा। विशेषकर जिन क्षेत्रों में लोग झुग्गी झोपड़ियों में रहते हैं और शौचालयों की व्यवस्था नहीं है। दिन के समय भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इनको रखा जा सकेगा।
19 वार्ड हैं बाकी
नगरपरिषद के कुल 31 में से 19 वार्ड अभी तक भी खुले में शौच मुक्त नहीं हुए हैं। अन्य शहर के हिस्सों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब नगरपरिषद इन 19 वार्डों पर ही फोकस कर रहा है।
यहां बनेंगे पक्के शौचालय
योजना के तहत 23 शौचालय टपरीवास कॉलोनी, चार विकास नगर, चार रोहतक रोड बाईपास, आठ रानीतालाब के पास, चार सिटी रेलवे स्टेशन के पास स्कीम नंबर चार में, आठ हांसी ब्रांच नहर के पास, चार ओम नगर, चार लाल बहादुर कॉलेानी और चार चंद्र लोक कॉलोनी में बनाने की योजना है।
सरकार द्वारा चलाई जा रही खुले में शौच मुक्त प्रदेश की योजना पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसके तहत जरूरत मंद लोगों को पक्के या मोबाइल टॉयलेट बनाकर दिए जा रहे हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर शौच के लिए नहीं जाए। पक्के शौचालय बनाए जा रहे हैं और दो मोबाइल शौचालय इसी सप्ताह तक जींद पहुंच जाएंगे।
सतीश गर्ग, एमई, नगरपरिषद जींद।