जुलाना। शामलो कलां खरीद केंद्र पर पिछले पांच दिन से गेहूं की आवक हो रही है। आवक से शामलो कलां खरीद केंद्र गेहूं से भरा पड़ा है, लेकिन अभी तक इस केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। पांच दिन से न तो खरीद केंद्र में बारदाना पहुंचा है और न ही कोई अधिकारी। गेहूं की खरीद नहीं होने से आढ़तियों व किसानों में भारी रोष है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द खरीद नहीं हुई तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
जुलाना क्षेत्र में विभाग ने जुलाना मंडी के अलावा फतेहगढ़ व शामलों कलां गांव में भी गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद करने के आदेश अधिकारियों को दे रखे हैं। मगर शामलो कलां खरीद केंद्र में स्थिति कुछ और ही है। खरीद केंद्र पर 15 अप्रैल को गेहूं की आवक शुरू हो गई थी। इसके बाद लगातार गेहूं की आवक हो रही है। इस कारण खरीद केंद्र पूरी तरह से गेहूं से अटा पड़ा है। किसान बिजेंद्र मलिक, दिलबाग, अमित, सचिन, जसवंत, सुमित का कहना है कि वह पांच दिन से अपनी फसल को लेकर खरीद केंद्र पर डेरा डाले हुए हैं, लेकिन आज तक उनकी गेहूं की खरीद नहीं हुई है। इस कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक लाख क्विंटल से अधिक होती है खरीद
शामलो कलां खरीद केंद्र पर आसपास के 15 गांवों के किसान गेहूं लेकर आते हैं। यहां पर हर वर्ष एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद होती है। गेहूं की बिक्री शुरू नहीं होने से गेहूं डालने की जगह कम है। पांच दिनों से खरीद नहीं होने से खरीद केंद्र गेहूं से भरा हुआ है।
शामलो कलां खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद का जिम्मा वेयर हाउस को सौंपा गया था। आढ़तियों ने यह खरीद हैफेड में बदलवा ली थी। हैफेड के अधिकारी कह रहे हैं कि दो-तीन दिन में गेहूं खरीदने की व्यवस्था हो जाएगी। खरीद केंद्र गेहूं से भरा हुआ है। सोमवार तक गेहूं की खरीद शुरू होने की संभावना है। -सविता सैनी, जुलाना मार्केट कमेटी सचिव।
शामलो कलां खरीद केंद्र पर पहले खरीद वेयर हाउस की थी। अब हैफेड के पास आई है। खरीद केंद्र पर बारदाना पहुंचाने व खरीद अधिकारियों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल बारदाने की कमी है। जल्द ही खरीद शुरू करवाई जाएगी। -कृष्ण कुमार, हैफेड डीएम।
गढ़ी खरीद केंद्र पर नमी के नाम पर नहीं हो रही खरीद
जींद। गेहूं खरीद को लेकर किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह समस्या पिछले कई दिनों से गढ़ी खरीद केंद्र पर बनी हुई है। यहां पर नमी के नाम पर किसानों की फसल को खरीदा नहीं जा रहा। कई किसान पिछले चार से पांच दिन से मंडी में गेहूं बेचने के इंतजार में बैठे थे। इससे गुस्साए लोगों ने शनिवार को नेशनल हाईवे को एक घंटे तक जाम किया। पुलिस ने आकर किसानों को नेशनल हाईवे जाम करने के आरोप में मामला दर्ज करने की धमकी देकर जाम खुलवाया। इससे एक तरफ तो नेशनल हाईवे पर आवागमन करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा दूसरी तरफ किसानों की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। किसान गुरमेल, हरफूल, भोला और गोपीराम ने कहा कि मंडी में किसानों की फसल की अनदेखी की जा रही है। जिस गेहूं में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत है। उसकी भी खरीद नहीं की जा रही।
उठान कार्य नहीं होने से गेहूं के बैगों से अटी अनाज मंडी
अलेवा। अनाज मंडी में इन दिनों गेहूं की आवक जोरों से होने के साथ ही उठान कार्य धीमी गति से चल रहा है। उठान कार्य धीमी गति से होने के कारण अनाज मंडी गेहूं के बैगों से अटी है। किसान को अनाज मंडी में पक्के पर जगह न मिलने के कारण कच्चे में गेहूं डालना पड़ रहा है। अनाज मंडी में सरकार द्वारा गेहूं की खरीद के लिए निर्धारित सरकारी एजेंसी वेयर हाउस व हैफेड द्वारा खरीद की जा रही है। दोनों सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा शुक्रवार तक लगभग एक लाख बैग गेहूं की खरीद की जा चुकी है, लेकिन दोनों सरकारी एजेंसियों द्वारा आज तक लगभग दस हजार बैगों का ही उठान किया गया है। गेहूं के बैगों के उठान का कार्य धीमी गति से होने के कारण किसानों को खुले आसमान में कच्चे में खेतों में डालकर गेहूं बेचना पड़ रहा है।