रोडवेज विभाग स्कूल बसों को अदा करेगा 9.60 लाख, कमाकर नहीं दी आधी राशि
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर दो सप्ताह से हड़ताल जारी है। इस दौरान जहां रोडवेज विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं प्राइवेट बसों की चांदी हो गई है। प्राइवेट बस एसोसिएशन प्रधान अनिल ने कहा कि एक प्राइवेट बस हड़ताल के दौरान लगभग नौ हजार रुपये प्रतिदिन कमाई कर रही है। जींद डिपो में 90 प्राइवेट बस चल रही हैं। इस लिहाज से रोजाना आठ लाख दस हजार रुपये की कमाई हो रही है, जबकि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि रोडवेज कर्मचारी मांगों को लेकर पिछले दो सप्ताह से हड़ताल पर हैं। पूर्व रोडवेज जीएम आरएस पूनिया तमाम प्रयासों के बावजूद रोडवेज की बस चलवाने में नाकाम रहे थे। इसके बाद दशहरा पर स्कूलों की छुट्टी होने के कारण स्कूली बस को यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया था। इससे यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली, पर रोडवेज विभाग की मुसीबत कम नहीं हुई। स्कूली बसों को विभाग द्वारा 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से लगाया था। इस दौरान आठ दिन में स्कूली बस द्वारा लगभग 32 हजार किलोमीटर तय करने पर चार लाख रुपये ही राजस्व में आए, जबकि विभाग को स्कूल बस को 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से नौ लाख 60 हजार रुपये देने हैं।
रोडवेज बस नहीं चलने पर गाज आरएस पूनिया पर गिरी और उनका तबादला कर दिया गया। नए रोडवेज जीएम प्रदीप कुमार ने ठेकेदार के तहत 50 चालकों को भर्ती किया व परिचालक के रूप में एसपीओ को लगाया गया। इस दौरान चार दिन से चली 40 बसों से दिन में एक लाख रुपये ही राजस्व में जमा हो रहे हैं। जबकि पहले 185 बस के सुचारु रूप से चलने पर दिनभर में लगभग 15 लाख रुपये राजस्व में जमा हो रहे थे। इस तरह विभाग को 40 बस चलने पर भी लगभग 14 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। हड़ताल के पहले दिन से ही प्राइवेट बस सुचारु रूप से चल रही हैं। इससे प्राइवेट बस की चांदी हो रही है। प्राइवेट बस यूनियन प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि जींद डिपो में 90 प्राइवेट बस चल रही हैं। एक बस लगभग नौ हजार रुपये प्रतिदिन कमाई कर रही है। इस प्रकार जो कमाई रोडवेज ने दो सप्ताह में आठ लाख रुपये कमाए हैं, वहीं प्राइवेट बस एक दिन में लगभग आठ लाख दस हजार रुपये रोजाना की कमाई की जा रही है।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति और मिड-डे मिल वर्कर ने दिया समर्थन
रोडवेज कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इस दौरान अध्यापक संघ, बिजली निगम कर्मचारी, आंगनबाड़ी वर्कर, खाप पंचायत, छात्र संगठन, कांग्रेस व इनेलो राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन दिया है। वही रविवार को पेंशन बहाली संघर्ष समिति व मिड-डे मिल वर्कर ने भी समर्थन दिया।
शिक्षा विभाग के सभी संगठनों ने एक मंच पर आकर किया 30-31 अक्तूबर को हड़ताल का फैसला
शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के सभी संगठनों ने एकमत होकर 30-31 अक्तूबर को हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान साधु राम ने कहा कि सरकार निजीकरण की नीतियों को हर विभाग में लागू कर रही है। वह अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आने वाली पीढ़ियों से रोजगार के अवसर छीन रही है। इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, सत्येंद्र कुमार, रोहतास आसन, शमशेर भंभेवा, ईश्वर सैनी मौजूद रहे।