अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल की चरमराई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी लड़ाई लड़ेगी। इसमें लोगों को प्रतिदिन आ रही समस्याओं व जनहित के मुद्दे उठाए जाएंगे ताकि अस्पताल में आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। इसका निर्णय रविवार को नागरिक अस्पताल में हुई तालमेल कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक बलबीर सिंह ने की।
बताते चलें कि नेत्र चिकित्सक सहायक राजबीर बेरवाल ने विभिन्न सरकारी नौकरियों में लगे 790 युवकों के फिटनेस के मामले सिविल सर्जन द्वारा अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर करने का मुद्दा उठाया था। इस पर सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए बेरवाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। तालमेल कमेटी की बैठक में इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा गया कि इससे विभाग की छवि खराब नहीं हुई बल्कि नागरिक अस्पताल में इस प्रकार केसों को दूसरे मेडिकलों में ट्रांसफर करने से छवि खराब होती है। कमेटी ने सिविल सर्जन से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र प्रक्रिया में होने वाली देरी के साथ-साथ इस विभाग में फैली अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की। इसके साथ-साथ कमेटी ने कहा कि बिना नियमों के कई चिकित्सक अन्य पदों पर बैठे हैं, जो मरीजों की जांच नहीं करते, इससे नागरिक अस्पताल में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे चिकित्सकों की ओपीडी में ही ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जनहित की समस्याओं को अब तालमेल कमेटी हल करवाएगी। यदि सिविल सर्जन अपनी मनमानी करेंगे तो कमेटी आंदोलन भी करने से गुरेज नहीं करेगी। तालमेल कमेटी में नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन, फार्मासिस्ट एसोसिएशन, रेडियोग्राफर एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन, मिनीस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन, एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन, नेत्र चिकित्सा एसोसिएशन, एनएचएम एसोसिएशन के नेताओं सह-संयोजक देवेंद्र कुमार, मीडिया सलाहकार ओमपाल ढांडा, डॉ. अजय मोर, सचिव रणधीर शर्मा, विक्रम सिंह, संदीप कुंडू, दिनेश कुमार, शारदा रानी, शर्मिला, सुनीता, प्रेम रोहिल्ला भी मौजूद रहे।