जींद। आज समय के साथ-साथ खेल क्षेत्र में काफी कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है, ऐसे में बुजुर्ग भी खेलों में युवाओं से दो-दो हाथ करने में पीछे नहीं हैं। हर्बल पार्क में रविवार को बुजुर्गों और युवाओं के बीच कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में बुजुर्ग जहां अपने पुराने दांव पेच के साथ मैदान में युवाओं को मात देने केे लिए पूरी तैयारी कर ली है। वहीं बुजुर्गों को कम आंकना युवाओं के लिए भूल हो सकती है। पिछली बार भी बुजुर्गों ने युवाओं को कबड्डी में धूल चटाई थी, इसलिए बुजुर्ग भी युवाओं से कम नहीं हैं। शुक्रवार को जहां कबड्डी प्रतियोगिता के लिए हर्बल पार्क में बच्चों के साथ बुजुर्ग सुभाष तितरम मैदान तैयार करते नजर आए।
बुजुर्गों की कबड्डी की कमान संभाल रहे सुभाष तितरम ने बताया कि वह खुद काफी समय से कैंसर का मरीज है, इसके बाद भी हिम्मत नहीं हारी। बुजुर्गों को अपनी बढ़ती उम्र से नहीं डरना चाहिए और न ही बीमारी से डरें, क्योंकि आज के समय में भी कबड्डी में बुजुर्ग अपने पुराने दांव पेच लगाकर युवाओं को धूल चटा सकते हैं। रविवार को होने वाले कबड्डी प्रतियोगिता में 50 से 75 आयु के बुजुर्ग भाग लेंगे। प्रतियोगिता सुबह सात बजे शुरू हो जाएगी। सबसे पहले बच्चों की कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद युवा और बुजुर्ग के बीच जबरदस्त कबड्डी मैच होगा।
बुजुर्गों में नई अलख जगाने की चाहत
बुजुर्गों की कबड्डी की कमान संभाल रहे सुभाष तितरम ने कहा कि रविवार को होने वाली बुजुर्गों और युवा के बीच कबड्डी मैच के जरिए और बुजुर्गों साथ में जोड़ा जाएगा। इससे बुजुर्गों में नया जोश देखने को मिलेगा और अपने पुराने अंदाज में दिखेंगे। आने वाले समय अधिक बुजुर्गों को अपने साथ जोड़कर बड़े स्तर पर युवाओं को चेलेंज करेंगे और अपने पुराने दांव पेच जरिए युवाओं को मात देने की तैयारी रहेगी।