अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा। प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का वादा किया जा रहा है, लेकिन बिजली निगम नगूरां में एक टेस्ट रिपोर्ट का हवाला देकर किसानों को निगम के बाहर ठेकेदार द्वारा एक साधारण कागज के बदले 500 रुपयों लिए जा रहे हैं। किसानों ने मामले को लेकर बुधवार को बिजली निगम नगूरां में जमकर हंगामा किया तथा बिजली निगम नगूरां के कर्मचारियों तथा अधिकारियों की ठेकेदार के साथ मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
बिजली निगम नगूरां में बिजली से संबंधित कामों के लिए पहुंचे चुहड़पुर निवासी चरण सिंह, लक्खी राम, सुरेंद्र, बीरा ने कहा कि बिजली निगम नगूरां में लोड बढ़वाने तथा नई फाइल के लिए टेस्ट रिपोर्ट के नाम पर निगम के बाहर बैठे ठेकेदार से एक कागज मंगवाने का काम किया जा रहा है। कागज की एवज में प्रति किसान ठेकेदार द्वारा 500 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि बाहर दुकानों पर यह कागज 20 से 30 रुपये में मिलता है। बिजली निगम नगूरां के कर्मचारियों तथा अधिकारियों की मिलीभगत के कारण किसानों को प्रतिदिन लूटखसोट का शिकार होना पड़ रहा है। मामले को लेकर बिजली निगम नगूरां के अधिकारियों को सूचित किया गया है, लेकिन अधिकारी भी ठेकेदार का ही पक्ष लेते हैं।
मिलनी चाहिए रसीद
इस मामले को लेकर चीफ इलैक्ट्रिक निरीक्षक सुरेंद्र पानू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट के नाम पर ठेकेदार किसानों से 500 रुपये वसूलता है तो उसकी रसीद देने का दायित्व भी बनता है। किसी दुकान पर बैठकर टेस्ट रिपोर्ट देना भी उचित नहीं है।
ठेकेदार कितने रुपये ले, विभाग को उससे कोई लेना देना नहीं- एक्सईएन
इस मामले को लेकर बिजली निगम जींद के एक्सईएन नरेश ढिल्लों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टेस्ट रिर्पोट के नाम पर ठेकेदार किसान से कितने रुपये वसूलता है। विभाग का उससे कोई लेना देना नहीं। निगम के नाम पर रूपये वसूलने की बात पूछने पर टालमटोल कर गए।
सभी से लिए जा रहे 500 रुपये- ठेकेदार
इस मामले को लेकर नगूरां बिजली निगम के बाहर बैठे ठेकेदार राजेंद्र नैहरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट के सभी किसानों से 500 रुपये लिए जा रहे हैं। अगर किसी ने नहीं लेनी तो उसको कोई दिक्कत नहीं है।