जींद। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद हुई हिंसा में जींद के पांच लोगों की जान चली गई। इनमें 25 वर्षीय रोबिन के शव का शनिवार देर शाम उनके गांव बहबलपुर में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं अन्य लोगों के परिजन पंचकूला गए हुए हैं। प्रशासन ने पांच लोगों की मौत की पुष्टी की है।
बहबलपुर गांव निवासी रोबिन की मौत सिरसा में हुई हिंसा के दौरान हुई है। रोबिन की मौत का समाचार शनिवार दोपहर ही गांव में पहुंच गया था, लेकिन परिजनों ने परिवार की महिलाओं को इसकी सूचना नहीं दी और वे सिरसा के लिए रवाना हो गए। हालांकि गांव में रोबिन के आस पड़ोस में इसकी सूचना फैल गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि रोबिन ने भिवानी के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया और वह पिछले चार-पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा में ही रहता था। रोबिन का एक भाई भारतीय वायुसेना में तैनात है और एक भाई ने एमबीबीएस कर एमडी की तैयारी शुरू कर रखी है। वह दिल्ली रहता है। तीन भाइयों में रोबिन सबसे छोटा था। गांव में सूचना आने के साथ ही गांव की महिलाओं का रोबिन के घर जाना शुरू हो गया। हालांकि पास पड़ोस के लोगों ने उन्हें अभी सूचना नहीं देने के लिए आगाह कर दिया था। रोबिन का घर जिस गली में है, वहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा और शाम के समय जब यहां शव पहुंचता तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
चार अन्य लोगों की मौत
इसके अलावा जिला में बधाना गांव निवासी 55 वर्षीय रमेश की मौत पंचकूला की हिंसा में हुई है। रमेश की चार बेटी और एक बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार एक बेटी की ही शादी हुई है। इसके अलावा डाहौला निवासी 30 वर्षीय जयभगवान की भी मौत हुई है। जयभगवान की मौत का समचार आते ही गांव में माहौल गमगीन हो गया। इसके अलावा घसो कलां निवासी सूबे सिंह और लोधर गांव निवासी निम्दी की मौत की सूचना भी प्रशासन को देर शाम मिल गई।
परिवहन और मोबाइल इनटरेट सेवाओं पर असमंजस
घटना के दिन बेशक जींद शांत रहा, लेकिन जींद के पांच लोगों की मौत हुई है। ऐसे में प्रशासन अभी यातायात सेवा और मोबाइल इंटरनेट सेवा की बहाली पर फैसला नहीं ले पाया है। डीसी अमित खत्री के अनुसार पूरी व्यवस्था की निगरानी राज्य स्तर पर हो रही है और यदि आला अधिकारियों ने निर्देश प्राप्त होते हैं तो ही परिवहन सेवा को बहाल किया जाएगा। गौरतलब है कि रोडवेज की सभी बसों को प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस लाइन में बंद कर दिया है। इसके चलते बहुत ही कम लोग शहर तक पहुंच पा रहे हैं।
अशांति फैलाने वालों से उन्हीं की भाषा में निपटेगी पुलिस
पुलिस हर स्थिति पर नजर रख रही है। यही कारण है कि जब सुंदरपुर रेलवे स्टेशन को जलाने का प्रयास हुआ, पुलिस समय रहते वहां पहुंच गई और उपद्रवी आग नहीं लगा सके। यदि कोई भी अहिंसा करता है तो पुलिस उनसे उन्हीं की और कानून की भाषा में निपटेगी।
- डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी जींद।
सुंदरपुर रेलवे स्टेशन पर आग लगाने का प्रयास
जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर स्थित गांव सुंदरपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर रात को पॉलीथिनों को जलाकर आग लगाने का प्रयास किया। इस दौरान स्टेशन के अंदर से पॉलीथिन जलने से निकला धुआं देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पॉलीथिनों में लगी आग को बुझा दिया, लेकिन जब तक वहां से आग लगाने वाले लोग मौके से फरार हो गए। इसमें किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। डीसी अमित खत्री ने बताया कि शरारती तत्वों ने स्टेशन पर आग लगाने का प्रयास किया था, लेकिन किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। एसएसपी डॉ. अरुण सिंह के अनुसार इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। यदि आरपीएफ की जांच में कोई गंभीर मामला बनता है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।