जींद। पानीपत में नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में जींद जिले से 160 बसें जाएंगी। इनमें से 60 बसें सिरसा डिपो से मंगवाई जाएंगी। बसों के पानीपत जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
इन बसों के माध्यम से गांव-गांव से लोगों को रैली स्थल लाया जाएगा और बाद में गांव छोड़ा जाएगा। बसों के समारोह में जाने से लंबे और लोकल रूट प्रभावित होंगे। इतनी बड़ी संख्या में बसों के कार्यक्रम में जाने से बस अड्डे पर अधिकतर बूथ खाली रह जाएंगे। हालांकि नौ दिसंबर को सोमवार होगा।
इसलिए सरकारी दफ्तर तथा शिक्षण संस्थानों के खुलने से लोगों की बसों में काफी भीड़ रहेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र से हजारों युवक-युवतियां शहर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने के लिए आएंगे। बसों के बिना उन्हें प्राइवेट वाहन के माध्यम से अपने गंतव्य तक जाना पड़ेगा।
डिपो से हांसी, असंध, नरवाना, गोहाना, बरवाला, हिसार जैसे रूटों पर परिवहन समिति की बसें चलती हैं लेकिन जिन रूटों पर केवल रोडवेज बसें चलती हैं, उन रूटों पर यात्रियों को बसें मुहैया नहीं हो पाएंगे।
यात्री जगमेश, शुभम, किशोर, चांद सिंह, शमशेर सिंह का कहना था कि सरकार के कार्यक्रमों में रोडवेज बसें भेजने से लोगों को परेशानी होती है। यह सरकार का फैसला गलत है। सरकार को चाहिए कि रोडवेज बसों का प्रयोग केवल यात्रियों की सुविधा के लिए किया जाए। कई रूटों पर पहले ही बसों की भारी कमी है। अब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम इतनी बड़ी संख्या में बस भेजने से डिपो खाली हो जाएगा और न ही यात्रियों को रूटों पर बसें मुहैया हो पाएंगी।
06जेएनडी31-रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें, जिन्हें प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भेजा जाएग