अलेवा। संडील गांव में अधिकारियों की मायूसी के चलते पेयजल किल्लत के कारण सोमवार को ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के प्रति नारेबाजी करते हुए जलघर पर ताला लगाकर रोष जताया।
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण नाले में जगह-जगह लीकेज के चलते रजवाहे से जलघर तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके कारण जलघर का टैंक हमेशा सुखा रहता है। गंाव के लोगों ने बताया कि गांव संडील में कई माह से पीने के पानी के लाले पड़े हुए हैं। मामले को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बार-बार अवगत करवाया जाता है, लेकिन कोई भी अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए राजवाहे से पाइप लाइन बिछाई हुई है, लेकिन उक्त पाइप लाइन के जगह-जगह से लीकेज के चलते राजवाहे का पानी जलघर तक नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण जलघर के टैंक पूरी तरह सूखे तथा गंदगी की चपेट में आ चुके हैं।
राजनीतिक पहुंच बताकर एक जेई बिगाड़ रहा खेल : बलजीत
संडील गंाव के बलजीत ने बताया कि पहले गांव में पीने के पानी के मामले में किसी प्रकार की लोगों को दिक्कत नहीं थी, लेकिन जब से विभाग ने जेई को गांव की जिम्मेदारी दी है। तभी से गांव के लोगों को पीने के पानी के मामले में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जेई ना तो ग्रामीणों के फोन रिसीव कर रहा है और मामले को लेकर उनके कार्यालय में मिला जाता है तो उसके द्वारा राजनीतिक पहुंच बताकर लोगों को जो धमकी देकर कार्यालय से बाहर कर देता है।
बुधवार को एक्सईएन कार्यालय नरवाना में होगा मटका फोड़ प्रदर्शन
संडील गांव के प्रवीण ने बताया कि विभाग पहले भी गांव में बोर लगाने के नाम पर करीब 52 लाख रुपये डकार चुका है। विभाग द्वारा गांव में 52 लाख रुपये से लगाए पानी के बोर फिलहाल भी लोगों की प्यास बुझाने की बजाय सफेद हाथी बने हुए हैं। गांव वालों ने मामले को लेकर स्थानीय विधायक तथा अधिकारियों से जांच करवाने की मांग की थी, लेकिन जांच के नाम पर विभाग फाइल पर कुंडली मारकर बैठ गया है, ताकि घालमेल में कई बड़े चेहरे सामने ना आ सके। अगर विभाग ने मामले को लेकर किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया तो बुधवार को गांव के लोग एक्सईएन कार्यालय नरवाना पर मटका फोड़ प्रदर्शन करेंगे।
सीएम से की जाएगी मामले की शिकायत : सरपंच
गांव की सरपंच सुषमा रानी ने बताया कि विभाग के अधिकारियों द्वारा जलघर में पानी देने की बजाय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की धमकी को लेकर मुख्यमंत्री से मिला जाएगा और मुख्यमंत्री के सामनेे अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया जाएगा।
मामला संज्ञान में है किया जाएगा वास्तविक स्थिति का पता : एसडीओ
मामले को लेकर जलापूर्ति विभाग के एसडीओ सतीश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। इसके लिए जेई को गाड़ी देकर मौके पर भेजा था, लेकिन गांव वालों का कहना है कि जेई मौके पर आया ही नहीं है। इसलिए स्वयं मामले को लेकर मंगलवार को संडील गांव में जाएंगे। जेई की फोन रिसीव न करने बारे विभाग के एक्सईएन तक मामला संज्ञान में है। लोगों की शिकायत इस बारे ज्यादा मिल रही है।