जुलाना। प्रशासन ने अवार्ड में संशोधन करके जमीन के नए मार्केट मूल्य तय किए। मार्केट मूल्य में किसानों का मुआवजा 12 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है। इससे किसान नाखुश हैं। सोमवार को किसान डीसी से बातचीत करने तो पहुंचे, लेकिन अधिग्रहित जमीन की राशि सुनकर बिना चाय व पानी पीये ही वापस लौट गए। हालांकि डीसी कार्यालय में पानी व चाय मंगवाई गई। किसान अभी भी 50 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन का रेट मांग रहे हैं।
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि यह मुआवजा किसानों के मुंह पर थप्पड़ है। वह अब रणनीति बनाकर प्रशासन को बिना अल्टीमेटम दिए रेल रोकेंगे। किसानों का भूमि अधिग्रहण का मुआवजा सवा करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बनता है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। सड़क, रेलवे ट्रैक, रेलवे स्टेशनों, रेलवे फाटक व चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती रही। 82वें दिन किलाजफरगढ़ गांव में किसानों का धरना जारी रहा। धरने पर 600 के करीब किसान पहुंचे। महिलाओं की संख्या भी ज्यादा थी। किसान बेसब्री से प्रशासन द्वारा मार्केट वैल्यू तय करने का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन ने जैसे ही मार्केट मूल्य तय किया तो किसान इस कीमत से नाराज दिखाई दिए। प्रशासन ने दावा किया है कि किसानों की मुआवजा औसतन 10 से 12 लाख रुपये तक बढ़ा है। किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि यह मुआवजा किसानों के मुंह पर तमाचा है। किसानों के साथ विश्वासघात हुआ है। मार्केट रेट के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाय तो सवा करोड़ रुपये प्रति एकड़ बनता है। सरकार ने धोखे से किसानों के साथ दाव लगाने की कोशिश की है। किसान एक या दो दिन में रणनीति बनाकर बिना अल्टीमेटम दिए रेल को रोकेंगे।
वाहनों के बदले गए रूट, जुलाना से पोली तक किया गया डायवर्ट
सोमवार को प्रशासन ने मार्केट मूल्य तय करने के लिए किसानों को बुलाया था। किसानों ने रेल रोको आंदोलन को एक्शन मोड़ में नए मार्केट मूल्य घोषित होने तक छोड़ दिया था। सोमवार को किलाजफरगढ़ गांव में धरने पर किसान भी ज्याद संख्या में पहुंचे। महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने वाहनों का रूट बदला। जुलाना से लिजवाना, अकालगढ़, हथवाला होते हुए वाहन पौली गांव में निकाले।
यह है किसानों की मांग
किसानों की मांग है कि अधिग्रहित जमीन का मार्केट रेट 50 लाख रुपये तय किया जाए, जो फिलहाल 12 लाख रुपये से 31 लाख रुपये प्रति एकड़ तक है। इसके हिसाब से मुआवजा राशि ढाई गुना तक अधिक होती है। ऐसे में किसानों को एक करोड़ 30 लाख रुपये मुआवजा प्रति एकड़ मिलना चाहिए।
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अवार्ड में संशोधन करके मार्केट मूल्य तय कर किसानों का बढ़ाया गया मुआवजा
गांव कलेक्टर रेट कुल प्रस्तावित रेट
आलन जोगी खेड़ा 1200000 6418060
रिटौली 1500000 6418060
खरकगादियां 1400000 6418060
जामनी 2700000 8251792
अमरावली खेड़ा 3300000 10085523
पिल्लुखेड़ा 2500000 7640548
सिवाहा 1800000 6418060
धडौली 1400000 6418060
आसन 2200000 7029302
भड़ताना 1400000 6418060
चाबरी 1650000 6418060
ललित खेड़ा 1550000 6418060
निडाना 3100000 9474279
भैरोखेड़ा 1550000 6418060
ढिग़ाना 1550000 6418060
नंदगढ़ 1600000 5368060
लजवाना खुर्द 1600000 5368060
सिरसा खेड़ी 1600000 5368060
फतेहगढ़ 1600000 5368060
लजवाना कलां 1600000 5368060
बुढ़ा खेड़ा लाठर 2300000 5879304
किलाजफरगढ़ 2900000 7564110
सभी दरें सड़क के दो एकड़ तक के पास के हैं।