उचाना। सर्व जातीय खेड़ा खाप की शनिवार को भोंसला गांव में प्रधान सतबीर पहलवान की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें खाप के विभिन्न गांवों से हर वर्ग के लोगों ने शिरकत की। बैठक का आयोजन समाज में फैल रहे जातीय जहर को समाप्त करना था। बैठक में आए लोगों ने विमर्श कर निर्णय लिया कि खाप हर घर और हर गांव में जाकर समाज में फैल रहे जातीय जहर को समाप्त करके आपसी भाईचारे के बढ़ावा देने का काम करेगी, ताकि हरियाण की पहचान वापस लौटे। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाया जाएगा कि जात बड़ी नहीं सबसे बड़ा भाईचारा है। सभी वर्गों के लोगों को पहले की तरह भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गांव में पंचायत, समाज सेवी संस्थाओं का सहारा भी खाप लेंगी।
हर गांव में जाएंगे खाप के प्रतिनिधि, बनाई गई टीम
सतबीर पहलवान ने कहा कि हर गांव में खाप के प्रतिनिधि जाएंगे। इसको लेकर टीम भी बनाई गई है। हर गांव में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें हर वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा। युवाओं को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा। आपस में जात-पात के जहर से जो ताना-बाना समाज का टूटा रहा है, उसको दोबारा से कायम किया जाएगा। जात-पात से कभी किसी समाज का भला नहीं हो सकता है। ॉ
प्रदेश की पहचान वर्षों से भाईचारे को लेकर रही है। यह पहचान तब ही कायम होगी जब जात-पात के जहर को हम खत्म करेंगे। इसको लेकर युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। खाप प्रवक्ता उदयवीर बरसोला ने कहा कि हर कोई अपने नाम के पीछे गोत्र लिखता है। इस तरह से भी आपस में प्रतीत होती है कि अपनी जात को बढ़ावा दिया जा रहा है। एक-दूसरे के देखा-देखी वाहनों पर भी जात का नाम लिखा जाता है।
गांवों से ही होती है हमारी पहचान : उदयवीर
गांवों में जाकर युवाओं, ग्रामीणों को प्रेरित करेंगे कि अपने नाम के पीछे गांव का नाम लिखे। गांव का नाम सबसे बड़ा होता है। गांव का नाम लिखे जाने से हमारी पहचान भी अलग होती है। उन्होंने कहा कि जातीय जहर कैंसर की बीमारी से भी खतरनाक है। इसे समाप्त करना होगा।
इस अवसर पर उदय सिंह भौंसला, लीलू नगूरां, बशेसर खापड़, सतबीर बड़ौदा, पप्पू खेड़ा, वेद धनखड़ी, शंकर मोहनगढ़ छापड़ा, भरथा करसिंधु मौजूद रहे।