जींद। सोमवती अमावस्या के मौके पर गांव पांडू पिंडारा स्थित सोम तीर्थ पर उमड़ी भीड़ के आगे प्रशासन की तमाम व्यवस्थाएं जवाब दे गई। आलम यह रहा कि सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक शहर जाम से जूझता रहा। हालांकि कई जगह चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनात की गई लेकिन एक साथ अधिक श्रद्धालुओं के आने से व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई। वहीं तीर्थ में स्नान कर वापस जाने वाले श्रद्धालुओं को बस स्टैंड पर बसों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ी। बस स्टैंड पर पर दोपहर बाद तीन बजे के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। अनुमान है कि सोमवार को पांडू-पिंडारा तीर्थ में करीब 50 हजार लोगों ने डुबकी लगाई।
सोमवती अमावस्या के चलते रविवार रात को ही श्रद्धालु गांव पांडू-पिंडारा पहुंचना शुरू हो गए थे। सभी धर्मशालाओं के साथ-साथ तीर्थ के पास खुले आसमान के नीचे ही रात भर श्रद्धालुओं का कीर्तन चलता रहा। अलसुबह चार बजे लोगों ने स्नान शुरू किया। वहीं प्रशासन ने जींद की ओर से जाने वाले वाहनों को रोकने की व्यवस्था तो कर दी लेकिन गोहाना की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे अधिकतर वाहन तीर्थ के पास तक चले गए। इसके बाद सुबह सात बजे जैसे ही तीर्थ पर आने वाले व स्नान कर वापस जाने वाले श्रद्धालुओं की भी एक साथ भीड़ बढ़ी तो व्यवस्था चरमराने लगी। गोहाना रोड पर गांव पांडू पिंडारा से लेकर जींद बस स्टैंड तक दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।
सोमवती अमावस्या का है खास महत्व
सोमवती अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पित्तरों की तर्पण के लिए गांव पांडू-पिंडारा के सोम तीर्थ पर 12 साल तक सोमवती अमावस्या का इंतजार किया लेकिन सोमवती अमावस्या नहीं आई। ऐसा माना जाता है कि तभी पांडवों ने श्राप दिया था कि कलयुग में सोमवती अमावस्या बार-बार आएगी। ऐसे में सोमवती अमावस्या के दिन देश भर से श्रद्धालु पांडू-पिंडारा तीर्थ पहुंचते हैं। इस बार जयेष्ठ माह की सोमवती अमावस्या होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।
दम तोड़ गई प्रशासन की व्यवस्था
करीब एक साल पहले प्रशासन ने व्यवस्था की थी कि तीर्थ में आटा व अन्य पूजा का सामान जाने से रोकने के लिए तीर्थ के पास खाली ड्रम रखे जाएंगे। दो-तीन बार ऐसा हुआ भी लेकिन बाद में यह व्यवस्था दम तोड़ गई। इस बार भी श्रद्धालुओं ने आटा व अन्य पूजा सामग्री तीर्थ में ही डाली जिससे पानी खराब हो सकता है।
बसों के लिए रही मारा-मारी
तीर्थ में स्नान कर वापस लौटने पर लोगों को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। बस स्टैंड पर बसों की कमी खली। दोपहर तक लोग बसों का इंतजार करते रहे। किसी भी रूट पर बस आते ही लोग इसके पीछे भागते। वहीं भीड़ होने के चलते बुजुर्ग और महिलाएं बस में चढ़ ही नहीं पा रहे थे। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिव कॉलोनी से निकले वाहन
गोहाना रोड पर जाम होने के कारण वाहन रेंग कर चलते रहे। सुबह करीब दस बजे पांडू पिंडारा से बस स्टैंड तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी एक घंटे से भी अधिक समय में पूरी हुई। जाम से बचने के लिए दुपहिया वाहन व ऑटो चालकों ने शिव कॉलोनी का रास्ता अपनाया। कोर्ट चौक और जाट धर्मशाला मोड़ से काफी वाहन शिव कॉलोनी के रास्ते निकले।