अलेवा। पेगां गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों द्वारा मरीजों की सेहत सुधारने की बजाय एक्सपायरी दवा देकर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके कारण गांव के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के प्रति रोष है। पेगां निवासी कृष्ण ने कहा कि वह करीब तीन माह से उप स्वास्थ्य केंद्र से टीबी की दवा ले रहा है। उपचार के लिए टीबी की अन्य दवाइयों के साथ मिलुसिड नाम की दवा मरीजों को दी जा रही है। वीरवार को जब उसने टीबी की दवा के साथ मिलुसिड नाम की दवा ली तो उसके शरीर में सूजन और खुजली होने लगी। उसे शक होने पर दवा का रेपर देखा तो दवा एक्सपायरी मिली है। कृष्ण ने कहा कि वह करीब तीन माह से लगातार टीबी की दवा खा रहा है, लेकिन उपस्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों द्वारा बिना देखे ही एक्सपायरी दवा मरीजों को दी जा रही है। यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
तीन माह पूर्व 400 गोलियां भेजी
पेगां केंद्र पर करीब तीन माह पूर्व मिलुसिड नाम की 400 गोलियां भेजी थी, लेकिन एक्सपायर दवा वितरित करना गलत है। इसके लिए ध्यान रखना चाहिए कि एक्सपायर दवा मरीजों को वितरित नहीं की जाए। -वरूण, फार्मासिस्ट।
एक्सपायर दवा देना गंभीर मामला
कर्मचारियों द्वारा टीबी के मरीज को एक्सपायरी दवा देना गंभीर मामला है। मामले को लेकर जांच की जाएगी। जांच में जो दोषी होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -डॉ. जितेंद्र, एसएमओ कंडेला।