रोजगार बचाने के लिए दुकानदार कल से करेंगे भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। लितानी रोड फाटक पर बनने वाले रेलवे के अंडर पास को स्थानांतरण कर फाटक के पास रेलवे की जमीन में बनाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे दुकानदारों ने अब सोमवार से भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है। दुकानदारों का कहना है कि 14 दिनों से वो निरंतर धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से अंडरपास निर्माण को लितानी रोड से स्थानांतरण कर रेलवे की जमीन में बनाने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। ऐसे में सोमवार से दुकानदार भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। बाजार में दुकानदारों ने रोष जुलूस भी निकाला।
रघुबीर मखंड, धर्मपाल, जिला, डॉ. डीएस अनेजा, राजेंद्र दुर्जनपुर, इंद्र प्रजापत, अनिल कापड़ो ने कहा कि जब रेलवे फाटक के दोनों तरफ रेलवे की जमीन है तो क्यों शहर के प्रमुख लितानी रोड बाजार में अंडर पास बनाया जा रहा है। जिस तरह से रेलवे का नक्शा बनाया गया है उसके अनुरूप अगर लितानी रोड फाटक पर अंडर पास बनता है तो 500 परिवार बेरोजगार, बेघर हो जाएंगे। जो फाटक नंबर 125 सी पर अंडर पास बना है उसके आस-पास जमीन खाली थी। रेलवे यहां पर कितना ही लंबा, चौड़ा अंडर पास जमीन को एक्वायर करके बना सकता है। यह अंडर पास जींद बाईपास, नेशनल हाइवे के साथ-साथ नई अतिरिक्त मंडी को भी जाता है।
सर्वे किए बिना नक्शा बनाने का आरोप
दुकानदारों ने बिना सर्वे किए रेलवे द्वारा नक्शा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे के किसी भी अधिकारी को अब से पहले कभी भी अंडर पास के नक्शा बनाने के लिए लितानी रोड नहीं देखा गया है। ऐसे में ये नक्शा कब, कहां बनाया गया है यह सवालों के घेरे में है। ऐसा लगता है कि जो नक्शा बनाया गया है वो ऑफिस में बैठ कर बना है, क्योंकि कोई भी इस तरह से 500 दुकानदारों को बेघर, बेरोजगार करने वाला नक्शा नहीं बना सकता है। यह नक्शा कब, कैसे, किसने बनाया है इसकी भी प्रशासन को जांच करनी चाहिए। फाटक नंबर 126 सी लितानी रोड पर इतना लंबा, चौड़ाई वाले अंडर पास का नक्शा क्यों बनाया गया इसकी जांच प्रशासन करें। डीसी जींद डॉ. आदित्य दहिया से इसको लेकर दुकानदार मिलेंगे और शपथ पत्र भी देंगे कि अब तक कोई भी रेलवे का अधिकारी बाजार में नक्शा बनाने के लिए नहीं आया है। इसलिए यह नक्शा बिना बाजार में आए बिना बनाया गया है ऐसा प्रतीत होता है।