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अर्बन एस्टेट के गड्ढों में अब राजनीतिक पौधे उगाने सड़कों पर उतरी कांग्रेस

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। अर्बन एस्टेट की सड़कों में गड्ढों के लिए लोगों द्वारा आंदोलन करने के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है। ऐसे में लोगों ने विरोध के अलग-अलग तरीके अपनाने शुरू किए हैं। पिछले सप्ताह जहां शहर की विभिन्न संस्थाओं ने गड्ढों का पूजन कर विरोध जताया था, वहीं वीरवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने अर्बन एस्टेट के गड्ढों में पौधे लगाकर विरोध जताया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार विकास का दावा कर रही है, लेकिन अर्बन एस्टेट में कोई भी सड़क चलने लायक नहीं है।
अर्बन एस्टेट की सड़कों कई बिड़े-बड़े गड्ढे हैं, लेकिन इनकी मरम्मत के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। अब इस पर राजनीतिक दल भी विरोध में आ गए हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग ने कहा कि प्रदेश सरकार को बार-बार जगाने की कोशिश हो रही है, लेकिन सरकार जींद के विकास की ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस दौरान गड्ढों का विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि यहां जल्द से जल्द सड़कों का निर्माण किया जाए। हालांकि अर्बन एस्टेट के लोग इसे कोरी राजनीति बता रहे हैं। कांग्रेसियों ने शहरवासियों के साथ मिलकर डीएवी स्कूल और जाट धर्मशाला के साथ लगती सड़कों पर मिशन सुरक्षित राहें चलाया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि कुछ दिन पहले शहर के वरिष्ठ नागरिक भी जिला प्रशासन के सामने सड़कों और गलियों की हालात सुधारने की गुहार लगा चुके हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेश को कर्ज में डूबा दिया है। धरातल पर काम कहीं नजर आ रहे। नई सड़क बनाने का काम बंद पड़ा है, कांग्रेस ने जो कार्य शुरू किए थे वो काम भी बंद कर दिए। इस दौरान पूर्व पार्षद मुकेश चहल, पूर्व पार्षद गायत्री देवी, पार्षद सुमेर पहलवान, सुशीला ठाकुर, नरेश जागलान, महेंद्र शर्मा, अजमेर रेढू, बाला शर्मा, उर्मिला आशरी व विकास पोड़ीया मौजूद रहे।
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20 किलोमीटर लंबी हैं सड़कें
गौरतलब है कि शहर के अर्बन एस्टेट के ब्लॉक ए, बी, सी और डी के अलावा सेक्टर चार और डिफेंस कॉलोनी में करीब 20 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। पिछले करीब पांच साल से इन सड़कों में गड्ढे बने हुए हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर आंख बंद किए बैठा है।

हरपथ भी नहीं आया काम
हालांकि सरकार ने गड्ढों को भरने के लिए हरपथ एप लांच किया है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से फोटो लेकर एप पर डाल सकता है। नियमानुसार प्रशासन को गड्ढा भरना होता है। नगर परिषद ने करीब तीन-चार महीने पहले हरपथ की शिकायत के आधार पर मिट्टी से गड्ढों को भरा था, लेकिन यह मिट्टी निकल गई है। अब नगर परिषद के अधिकारी कह रहे हैं कि सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि इनको हरपथ के तहत ठीक नहीं किया जा सकता।
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सिर्फ राजनीति कर रहे हैं कांग्रेसी
यह बात सही है कि अर्बन एस्टेट की सड़कों में गड्ढे बहुत अधिक हैं, इसका विरोध भी होना चाहिए। कांग्रेस की सरकार रहते हुए भी गड्ढों की कोई सुध नहीं ली गई। इसके लिए अर्बन एस्टेट के लोगों का आंदोलन जारी रहेगा।
फूल सिंह श्योकंद, प्रधान संघर्ष समिति।

विकास का हिसाब दे सरकार
प्रदेश की सरकार लगातार विकास की बात कर रही है, लेकिन जींद के लोग इस विकास पर सवाल उठा रहे हैं। पॉश कॉलोनी अर्बन एस्टेट तक में चलने लायक सड़कें नहीं हैं। ऐसे में सरकार को विकास का हिसाब देना चाहिए।
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मुकेश चहल, पूर्व नगर पार्षद।

मुख्यालय में अटका है मामला
नगर परिषद ने करीब दो महीने पहले 17 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। इसके तहत पूरे अर्बन एस्टेट की सड़कें बनाई जाएंगी। इस प्रस्ताव को मुख्यालय की मंजूरी मिलने का इंतजार है।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, जींद।
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