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Jind News: स्कूलों में 15% डिजिटल बोर्ड खराब, बिजली व मरम्मत की कमी बनी रुकावट

Mon, 27 Oct 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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25जेएनडी11- बेलरखा स्कूल में डिजिटल बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाते हुए अध्यापक। संवाद
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जींद/नरवाना। जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 15 प्रतिशत डिजिटल बोर्ड तकनीकी खराबी के कारण बेकार पड़े हैं। विभाग के पास इनकी मरम्मत के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है जिसके चलते ये उपकरण उपयोग में नहीं आ पा रहे। वहीं गांव को इलाके में बिजली न होने के कारण भी ये बोर्ड बंद पड़े हैं।
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शिक्षा विभाग ने शिक्षा के आधुनिकीकरण के तहत पीएमश्री और आरोही मॉडल संस्कृति स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए थे। वहीं इनकी मरम्मत को लेकर भी एक साल का ठेका दिया था। अब यह ठेका समाप्त हो चुका है। गांव में दोपहर के समय अक्सर बिजली गुल रहती है। इसके कारण इन बोर्डों का प्रयोग भी नहीं हो पा रहा है।

जिले के स्कूलों में लगे 1084 डिजिटल बोर्ड
जिले में 362 पीएमश्री और आरोही मॉडल संस्कृति स्कूलों में 1084 डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं, 62 मॉडल संस्कृति स्कूलों में दो-दो, 90 राजकीय मिडिल स्कूलों में 2-2, 90 राजकीय उच्च विद्यालयों में 2-2 बोर्ड और 120 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पांच-पांच डिजिटल बोर्ड लगे हैं।
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बिजली बनी आधुनिक स्कूल में रुकावट
नरवाना क्षेत्र के स्कूलों में बिजली संबंधित समस्या गंभीर है। ग्रामीण क्षेत्र में तो मात्र दो ही घंटे बिजली मुहैया होती है। यदि स्कूलों में डिजिटल बोर्ड के लिए अलग से सोलर सिस्टम की व्यवस्था कर दी जाए तो यह उपयोगी साबित होंगे। डूमरखा, बेलरखा, भाणा ब्राह्मण, दनौदा कलां, दनौदा खुर्द और नरवाना के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड सुचारू रूप से चल रहे हैं। हालांकि बिजली जाने के बाद इनका प्रयोग ही नहीं हो पाता।

सोलर सिस्टम लगवाने के लिए भेजी डिमांड
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दनौदा के प्राचार्य वेगराज का कहना है कि स्कूल में दस किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाने के लिए विभाग को डिमांड भेजी गई है। वहीं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नरवाना गैबी साहिब के प्राचार्य जय नारायण के अनुसार उन्होंने भी 20 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने की मांग विभाग को भेजी है। यदि यह सुविधा मिल जाए तो बच्चों को पढ़ाई के लिए बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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