जींद। रोडवेज ने सड़क हादसों को रोकने के लिए बस अड्डे पर चालक व परिचालकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर लगाया। इस दौरान रोडवेज के 94 चालक और परिचालकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें आंखों की कमजोरी, शुगर, कान के रोगों और बल्ड प्रेशर ( बीपी) की जांच की गई।
हादसों के चलते परिवहन विभाग के मुख्यालय ने किलोमीटर स्कीम सहित रोडवेज चालक व परिचालकों के स्वास्थ्य की जांच के निर्देश दिए थे। ऐसे में जींद डिपो के चालक और परिचालकों के लिए शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर में चालकों को आंखों की दिक्कत, हाई बीपी व शुगर जैसी बीमारियों के कई चालक व परिचालक पीड़ित मिले। 15 कर्मचारियों को चश्मा लगाने की नसीहत दी गई थी, जिसमें 12 चालक शामिल थे। इसके अलावा तीन कर्मचारियों को कान में दिक्कत थी, जिसमें एक चालक भी शामिल रहा। इसके अलावा 17 कर्मचारियों को बीपी हाई मिला, जिसमें 11 चालक शामिल थे। वहीं 14 कर्मचारियों को हाई शुगर मिली, जिसमें नौ चालक शामिल थे। इस अवसर पर मुकेश कुमार, विक्रम सिंह, सतेंद्र मिश्रा 1द्मस्द्भ हरीश कुमार मौजूद रहे।
रोडवेज चालक व परिचालक की भाग दौड़ भरी कार्यशैली के चलते कर्मचारी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। चालक व परिचालकों को कभी अल सुबह चार बजे तो कभी देर रात 11 बजे तक अलग-अलग समय सारिणी के हिसाब से ड्यूटी देनी पड़ती थी। इस कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। इसके चलते उनके खान-पान पर भी असर पड़ता है। ड्यूटी के दौरान खाना खाने के लिए समय नहीं मिलने पर चाय या फ ास्ट फू ड खाने पर भी स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा चालक व परिचालकों की लंबी सीटिंग के चलते उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
-मुकेश कुमार, रोडवेज टीम, कोऑर्डिनेटर
चालक व परिचालकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर लगाया था। इसमें टीम द्वारा कर्मचारियों की जांच की गई। कुछ कर्मचारियों को आंखों में दिक्कत तो कुछ तो हाई बीपी व शुगर की दिक्कत पाई गई। ज्यादातर कर्मचारी स्वस्थ हैं।
-अशोक कौशिक, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो।
19जेएनडी05: स्वास्थ्य की जांच करवाते रोडवेज के चालक और परिचालक।