अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नई परिवहन नीति के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही। जींद डिपो की कोई भी बस बाहर नहीं निकली। निजी बसों और दूसरे डिपो की कुछ बसों के सहारे ही लोग अपनी मंजिलों तक पहुंचे। वहीं आगे के आंदोलन पर रोडवेज कर्मचारी चंडीगढ़ में हो रही सरकार के साथ बातचीत के बाद फैसला करेंगे। सुबह से ही यात्री काफी परेशान रहे। दिन के समय लोगों को घंटों बसों का इंतजार झुलसा देने वाली धूप में करना पड़ा। वहीं रोडवेज कर्मचारी भी वर्कशॉप के बाहर टिके रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान महीपाल बिघाना ने कहा कि सरकार बार-बार वादे कर मुकर रही है। सरकार ने कर्मचारियों ने वादा किया था कि कोर्ट में नई परिवहन नीति को रद्द करने का शपथपत्र दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके कारण ही कोर्ट ने निजी बसों को चलाने के आदेश दिए हैं।
चंडीगढ़ में रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के साथ बातचीत चल रही है। यदि सरकार निजी बसों को रोड से हटाने पर अपनी नीति साफ नहीं करती प्रदेश भर में हड़ताल की जाएगी। अब आगे का फैसला चंडीगढ़ में हो रही मीटिंग पर टिका है। -अजीत नहरा, सदस्य, रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति।
चौथे दिन भी रोडवेज की हड़ताल जारी
चंडीगढ़ में सरकार और कर्मचारी नेताओं के साथ बातचीत
दिन भर झुलसा देने वाली गर्मी में परेशान रहे यात्री
फोटो नंबर
04जेएनडी32: बस के इंतजार में अपने बच्चों के साथ बैठी एक महिला।
04जेएनडी33: चिलचिलाती धूप में बस का इंतजार करते यात्री।