जींद। जिले में बुधवार को 147 रजिस्ट्री हुई है। हालांकि 185 टोकन बुक हुए थे। सबसे कम जींद तहसील में मात्र तीन रजिस्ट्री ही हुई है। वहीं तहसील में 15 इंतकाल, 27 जमाबंदी का कार्य हुआ।
जिले में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रियों का काम आंशिक रूप से पटरी पर लौट आया है। हालांकि जींद तहसील में स्थिति संतोषजनक नहीं रही। पिछले छह दिनों से मांगों को लेकर तहसीलदार हड़ताल पर चल रहे थे जिसके चलते रजिस्ट्रियों का कार्य प्रभावित रहा। हड़ताल समाप्त होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि लंबित कार्य तेजी से निपटाए जाएंगे लेकिन जींद तहसील में नायब तहसीलदार के गुरुग्राम में ट्रेनिंग पर जाने के कारण कामकाज सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाया।
परिणामस्वरूप रजिस्ट्री के लिए पहुंचे कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। रजिस्ट्री न होने से सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ा है। प्रत्येक दिन करोड़ों रुपये के लेन-देन रजिस्ट्रियों के माध्यम से होते हैं, जिससे स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में सरकार को आय होती है। लगातार काम प्रभावित रहने से राजस्व संग्रहण में भी गिरावट आने की संभावना है।
रजिस्ट्री करवाने आए सतबीर, रामकुमार, सुमित कुमार, सचिन सचदेवा, राहुल मित्तल का कहना है कि पहले ही हड़ताल के कारण कई दिन बर्बाद हो चुके हैं, ऐसे में अब अधिकारियों की अनुपस्थिति से परेशानी और बढ़ गई है। उनकी मांग है कि जींद तहसील में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि रजिस्ट्री कार्य बाधित न हो। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही व्यवस्था सामान्य की जाएगी और लंबित रजिस्ट्रियों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
बॉक्स
ब्लॉक-कुल टोकन, रजिस्ट्री हुई
अलेवा-23-20
जींद-17-03
जुलाना-01-00
नरवाना-56-50
पिल्लूखेड़ा-16-12
सफीदों-08-07
उचाना-64-55
वर्जन
बुधवार से रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है। नायब तहसीलदार के ट्रेनिंग पर जाने के कारण तहसील जींद में रजिस्ट्री कम हो पाई है।
राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद