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कर्मचारियों के दो गुटों में बंटे होने के कारण रोडवेज की हड़ताल विफल

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कर्मचारियों के दो गुटों में बंटे होने के कारण रोडवेज की हड़ताल विफल
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को बुलाई गई हड़ताल जिला में बेअसर रही। दूसरे कर्मचारियों के गुट द्वारा हड़ताल का समर्थन नहीं करने पर प्रशासन ने थोड़ी मशक्कत के बाद बस चलवा दी। हालांकि इसके लिए विरोध कर रहे कुछ कर्मचारियों पर बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 48 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हालांकि पुलिस इसकी पष्टि नहीं की है। रोडवेज कर्मचारी सुबह चार बजे हड़ताल करने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे। मौके पर एसडीएम विरेंद्र सहरावत, तहसीलदार व प्रवीण कुमार भारी संख्या में पुलिस बल को लेकर पहुंचे। रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर आते ही सरकार के प्रति नारेबाजी करना शुरू किया। एसडीएम ने कर्मचारियों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का आह्वान किया। एसडीएम ने कहा कि अगर कर्मचारी बलपूर्वक प्रदर्शन करेंगे तो कोर्ट आदेशानुसार उन्हें भी पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग करने के आदेश देने होगे। कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने को कहा। जब रोडवेज महाप्रबंधक ने दिनचर्या अनुसार चार बजे की पहली बस निकालने के आदेश दिए तो कर्मचारियों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बस के आगे आकर बस तो रोकना शुरू कर दिया। एक कर्मचारी तो बस के शीशे पर चढ़कर बस को रोकने लगा तो एसडीएम ने पुलिस प्रशासन की मदद से रोडवेज कर्मचारियों पर लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे में रोडवेज महाप्रबंधक ने दिनचर्या अनुसार सभी बसों को समय पर निकाला। इसके बाद दिन भर रोडवेज की बस सामान्य तरीके से चलती रही।
साहब हड़ताल की छोड़ो घायल साथियों को इलाज तो दे दो
सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस ने करीब 60 कर्मचारियों को बस स्टैंड से हिरासत में ले लिया। इसके बाद एक कर्मचारी नेता के पास सदर थाने से फोन आया कि एक कर्मचारी को काफी चोट लगी है। इलाज भी नहीं करवाया जा रहा है। इसके बाद रोडवेज मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान बलराज देशवाल ने अधिकारियों से बातचीत कर इलाज के कहा। इस पर पुलिस ने पटियाला चौक स्थित एक निजी अस्पताल कर्मचारी का इलाज करवाया।
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चार के खिलाफ केस दर्ज
जबरन बस रोकने के मामले में सज्जन कंडेला, संजय नैन, राजबीर व सुभाष के खिलाफ केस दर्ज किया है। बाकी अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज है। जांच में लोग सामने आएंगे, उनको शामिल किया जाएगा।
विरेंद्र खर्ब, सिविल लाइन थाना प्रभारी।
कर्मचारियों का बल पूर्वक प्रदर्शन सहनीय नहीं : एसडीएम
एसडीएम विरेंद्र सहरावत ने कहा कि रोजाना लाखों सवारी अपने जरूरी काम के लिए रोडवेज बसों में सफर करते हैं। अगर कर्मचारियों ने बल पूर्वक प्रदर्शन किया तो वह सहनीय है। शांति पूर्वक ढंग से कर्मचारी प्रदर्शन कर सकते हैं। अगर कर्मचारी बलपूर्वक प्रदर्शन करते हैं तो इससे आम लोगों में भय का माहौल पैदा हो जाता। ऐसे में जब कर्मचारियों ने जब बल पूर्वक प्रदर्शन किया तो प्रशासन को पुलिस की सहायता लेनी पड़ी।
सामान्य रहा कामकाज
हड़ताल में पुराने 13 चालक शामिल हुए। 114 नए चालकों ने काम किया है। रोडवेज की 95 बस सामान्य दिनों की तरह चलती रहीं। करीब 60 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए हैं। कर्मचारियों को पहले ही हड़ताल में शामिल नहीं होने के नोटिस दिए थे। जबरन बस रोकने वालों के खिलाफ बल प्रयोग करना पड़ा।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक रोडवेज।
काम के लिए फरीदाबाद जाना था, हड़ताल के कारण हुआ लेट
सवारी पूर्णचंद ने कहा कि वह हुडा विभाग में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत है। वह छुट्टी पर चल रहा था। विभाग के आदेश होने पर जरूरी काम की वजह से उसे सोमवार को फरीदाबाद जाना था। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण देरी हो गई।
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पूर्णचंद यात्री।
मायके में परिजन की मौत हो गई थी, हड़ताल के कारण नहीं पहुंच पाऊंगी मय पर
सवारी चंचल ने कहा कि दिल्ली में उसका मायका है। वहां किसी की मौत हो गई थी। इसके लिए मुझे वहंा जाना था। रोडवेज की हड़ताल के चलते समय पर नहीं पहुंच पाऊंगी। हड़ताल व प्रदर्शन से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चंचल यात्री।
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