अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा। पांच साल से जिले के संडील व कैथल के खेड़ी शेरखां गांव के लोगों के बीच चल रहा बिजली विवाद एक बार फिर तूल पकड़ गया। हालात यहां तक पहुंच गए कि दोनों ही गांवों के लोगों ने लाठियां, जेली, गंडासे आदि हथियारों के साथ तैयारी पकड़ ली, लेकिन ऐन मौके पर प्रशासन ने बीच में आकर मामले को निपटा दिया। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ विवाद शाम छह बजे निपटा। नौ घंटे तक विवाद के चलते दोनों ही जिलों के प्रशासन की सांसें फूली रही।
गौरतलब है कि जिले के संडील गांव की बिजली कैथल जिले के खेड़ी शेरखां गांव स्थित पावर हाउस से जोड़ी गई है। इसको लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। संडील गांव के लोगों का आरोप है कि उनके गांव की बिजली दो से ढाई घंटे ही चलाई जाती है जबकि खेड़ी शेरखां गांव में छह से सात घंटे बिजली चलाई जा रही है। आरोप है कि इसके चलते संडील गांव के कुछ युवा वीरवार सुबह पावर हाउस पहुंच गए। यहां इन लोगों ने हंगामा किया और बिजली उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की। युवा गांव की बिजली चालू कर लौट आए। जैसे ही इसका पता खेड़ी शेरखां के लोगों को चला, उन्होंने हथियारों के साथ पॉजिशन ले ली। दूसरी ओर संडील गांव के लोग भी हथियारों से लैस होकर खेड़ी शेरखां गांव जाने की तैयारी करने लगे। इसकी सूचना मिलते ही जींद प्रशासन हरकत में आया। अलेवा थाना प्रभारी हरिओम शर्मा गांव में पहुंचे और लोगों को खेड़ी शेरखां कूच करने से रोक दिया।
फिर चला पंचायतों का दौर
मामले की गंभीरता को देखते हुए जींद से एसडीएम विरेंद्र सहरावत, तहसीलदार प्रवीण कुमार, डीएसपी पवन कुमार, डीएसपी परमजीत सिंह समौता, कुलवंत बिश्नोई सहित प्रशासन गांव में पहुंचा और कैथल प्रशासन को संडील व खेड़ी शेरखां गांव के बीच में पड़ने वाले मांडी गांव में बुलाया, लेकिन पांच बजे कैथल प्रशासन का संदेश आया कि जींद प्रशासन पावर हाउस आ जाएं। यहीं दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसमें खेड़ी शेरखां गांव के लोगों ने संडील के युवाओं द्वारा की गई हरकत पर ऐतराज जताया। इस पर संडील के लोगों ने गांव के युवाओं द्वारा की गई हरकत पर माफी मांगी और मामला निपट गया।
संडील गांव के लोगों को बिजली कम मिलने पर ऐतराज था। वहीं खेड़ी शेरखां गांव के लोग कह रहे हैं कि संडील गांव को उनके हिस्से की बिजली दी जा रही है। अब तय हुआ है कि दोनों गांवों को बराबर बिजली मिलेगी और उनका पूरा हिस्सा मिलेगा। इस पर विवाद निपट गया है।
-बीएस रंगा, एसई, बिजली निगम, कैथल।
विधायक प्रेमलता भी पहुंचीं
विवाद का पता चलने पर उचाना से विधायक विधायक प्रेमलता संडील गांव के लोगों के बीच पहुंचीं। उन्होंने मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन के आलाधिकारियों को मामले को लेकर हल निकालने के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में भाईचारा नहीं बिगड़ना चाहिए। दोनों तरफ के लोगों से बातचीत कर शांति से हल निकालने का प्रयास करें।
महिला कर्मचारियों की खली कमी
जहां संडील गांव में बिजली मामले को लेकर दोनों तरफ से महिलाएं मोर्चा संभाले हुए थीं, वहीं जिला प्रशासन के आलाधिकारी महिला पुलिस कर्मचारियों के मामले में बैकफुट पर नजर आता दिखाई दिया। दबी जुबान से जिला प्रशासन के आलाधिकारी इस बात को मान कर चल रहे हैं कि महिला पुलिस कर्मचारियों का ऐसी सूरत में होना जरूरी भी है, लेकिन ऐसे गंभीर मामले में महिला पुलिस कर्मचारियों का नदारद रहना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह भी लगा गया।
लंबा है विवाद
खेड़ी शेरखां और संडील गांवों के बीच विवाद लंबा है। पहले भी खेड़ी शेरखां गांव के लोगों ने संडील में बिजली सप्लाई के लिए पोल लगाने से मना कर दिया था। इस पर मामला जींद जिला कष्ट निवारण समिति के समक्ष आया। उस समय स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज चेयरमैन होते थे। उन्होंने जींद प्रशासन को सख्त लहजे में आदेश दिया था कि यह काम पूरा करवाओ। इसके लिए जरूरत पड़े तो सेना भी बुला लो। इस पर ही सप्लाई के लिए पोल लग पाए थे।