अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान द्वारा शुरू किया गया सेल्फी विद डॉटर अभियान अब भारत के राष्ट्रपति भवन के म्यूजियम की शोभा बनेगा। इसके तहत सेल्फी विद डॉटर की 20 सेल्फी म्यूजियम में लगाई जाएंगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मन की बात कार्यक्रम में इस अभियान का जिक्र कर चुके हैं।
सुनील जागलान ने बताया कि राष्ट्रपति भवन के म्यूजियम में सेल्फी विद डॉटर का लगना हर बेटी के माता-पिता के लिए गौरव की बात है। गौरतलब है कि इसके लिए ऑनलाइन म्यूजियम भी शुरू किया गया है। इस पर देश की जानी मानी हस्तियां अपनी बेटियों और माता-पिता के साथ सेल्फी अपलोड कर चुकी हैं। जागलान ने कहा कि जिन लोगों की बेटियां नहीं हैं, वे अपनी भतीजी, भांजी या परिवार की किसी अन्य बेटी के साथ सेल्फी डाल सकते हैं। देश के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने वर्ष 2017 में राष्ट्रपति भवन में सुनील जागलान को न्यौता दिया व सेल्फी विद डॉटर ऐप व सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन का उद्घाटन किया। कुछ दिन पहले ही लिंगानुपात संवेदनशीलता के विषय पर सेल्फी विद डॉटर क्लासेज के लिए भी जागलान को राष्ट्रपति भवन से न्यौता मिला था।
बीबीपुर का लिंगानुपात हुआ 1481
जींद। डीसी अमित खत्री ने कहा कि बीबीपुर ऐसा गांव बन गया है, जिसमें जनवरी से अप्रैल 2018 का लिंगानुपात 1481 पहुंच गया है। इस गांव की तीन छात्राओं, जिन्होंने पढ़ाई के मामले में अपनी विशेष पहचान बनाई है, को एक लाख पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
डीसी अमित खत्री ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में हुई पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कहा कि बीबीपुर गांव की कुल आबादी 5038 है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की गाइड लाइन के अनुसार प्रदेशभर से राज्य सरकार द्वारा इस गांव का चयन किया गया है। डीसी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर डाली गई रेडों पर कहा कि गर्भ में बेटी को मरवाने वाले डाक्टरों और एमटीपी का प्रयोग करने वाले डाक्टरों के विरुद्ध केस तैयार कर उनकी सही तरीके से पैरवी की जानी चाहिए ताकि कोई भी दोषी व्यक्ति बच नहीं पाए। जिले में 49 सफल रेड डाली गई हैं। इनमें यूपी की दो रेड तथा हिमाचल प्रदेश की एक रेड भी शामिल है। इसके अलावा अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, करनाल, भिवानी, सोनीपत, पानीपत में भी कई रेड डाली गई हैं। 31 रेड जींद जिले की हैं। वर्ष 2018 में पिछले पांच माह की अवधि में कुल छह रेड डाली गई हैं।