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पिंडारा गांव में शराब ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने किया जींद-गोहाना मार्ग जाम, करीब एक घंटे तक महिलाओं ने सड़क पर बैठ कर जताया

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पिंडारा गांव में शराब ठेके के विरोध में ग्रामीणों ने किया जींद-गोहाना मार्ग जाम,
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पांडू पिंडारा गांव में शराब का ठेका खोलने के विरोध में शनिवार सुबह करीब दस बजे ग्रामीणों ने जींद-गोहाना रोड जाम कर दिया। रोष जताते हुए चेतावनी दी कि गांव में शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा। सूचना पर सिविल लाइन थाना प्रभारी विरेंद्र खर्ब व डीएसपी रामभज मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत करवाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को सड़क से हटाया। इसके बाद अपने कार्यालय में डीएसपी रामभज ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि यहां से शराब ठेका हटवा दिया जाएगा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को अमावस्या है। तब तक यदि शराब ठेका नहीं हटता तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। वहीं आबकारी विभाग के अधिकारी शराब ठेका नियमानुसार खोले जाने की बात कह रहे हैं। शराब ठेकेदार का कहना है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री करने वाले लोग इस प्रकार का आंदोलन करवा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिंडारा गांव आस्था का केंद्र है। यहां प्राचीन सोम तीर्थ है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने भी अपने पितृरों के तर्पण के लिए पांडू पिंडारा में सोमवती अमावश्या का इंतजार किया था। ऐसे में पिंडारा गांव शुरू से ही ड्राई है, लेकिन इस बार प्रशासन ने यहां शराब ठेका खोल दिया है। वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि शराब का ठेका नियमानुसार खोला गया है। पांडू-पिंडारा गांव का यह हिस्सा अब जींद नगर परिषद का हिस्सा है। शराब ठेका वार्ड नंबर 23 की स्कूल बस्ती में खोला गया है। वहीं ग्रामीणों द्वारा विरोध के चलते करीब एक घंटे तक जींद-गोहाना मार्ग बंद रहा। हालांकि गोहाना की ओर से आने वाले वाहन चालकों ने निर्जन रोड से अपने वाहन निकाल लिए, लेकिन जींद की ओर से जाने वाले वाहन जाम में फंसे रहे।
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यह है तकनीकी पेच
दरअसल पांडू पिंडारा गांव को धार्मिक स्थल मानते हुए सरकार ने इसे ड्राई घोषित किया है, लेकिन नगर परिषद के विस्तार के चलते गांव का कुछ हिस्सा इसमें शामिल हो गया है। अब आबकारी विभाग ने यहां शराब ठेका खोल दिया है।
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पिछले साल भी हुआ था विरोध
पांडू पिंडारा जोन नंबर तीन में है। पिछले साल यह जोन करीब सवा दो करोड़ रुपये में बिका था, लेकिन ग्रामीणों ने यहां शराब ठेका नहीं खोलने दिया। इसके चलते शराब ठेकेदार को काफी नुकसान हुआ।
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गलत है शराब ठेका
शराब ठेका पांडू पिंडारा गांव में खोला गया है। इससे काफी परेशानी है। बच्चों पर गलत असर पड़ेगा और यहां महिलाओं का भी आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यहां से शराब ठेका हटवाना चाहिए।
धनपति।
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नहीं खुलने देंगे शराब ठेका
गांव में अब तक शराब ठेका नहीं खुला है। यह धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ है। ग्रामीणों का मानना है कि यहां शराब ठेका नहीं होना चाहिए। पास ही तीर्थ है, ऐसे में शराब ठेका होने से इसका गलत प्रभाव पड़ेगा।
सरोज।
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प्रशासन ने दिया है आश्वासन
पांडू पिंडारा आस्था का स्थल है, यहां शराब ठेका होने से गलत संदेश जाता है। ठेकेदार को बोला गया है कि वह बाईपास से शहर की ओर ठेका बना ले। डीएसपी रामभज ने शराब ठेका हटवाने का आश्वासन दिया है। मंगलवार को अमावस्या है, जब तक शराब ठेका नहीं हटता तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
स्वामी राघवानंद, महंत डेरा घीसा पंथी।
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विभाग करे फैसला
यह शराब ठेका पिछली बार भी नहीं खुल पाया था। ऐसे में इस बार आबकारी विभाग के अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से मुझे आश्वासन देकर ठेका खुलवाया है। ठेका जींद नगर परिषद की हद में है, इसके लिए 15 लाख रुपये की फीस भरी गई है। यदि ठेका गांव में होता तो महज डेढ लाख रुपये फीस होती। पांडू पिंडारा गांव में 16 अवैध दुकान चल रही हैं। प्रशासन उन दुकानों को बंद नहीं करवा रहा, नियमानुसार खोली गई दुकान को हटवाने की बात कह रहा है। यह सब अवैध शराब की बिक्री करने वालों द्वारा करवाया जा रहा है। प्रशासन फैसला करे, या फीस वापस करे, या फिर दुकान चलवाए।
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सुभाष, ठेकेदार जोन नंबर तीन।
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शराब ठेका नियमानुसार खोला गया है। आबकारी कानून के तहत ही पूरी प्रक्रिय ा हुई है। ग्रामीणों के विरोध पर अब इस मामले का समाधान निकाला जाएगा। अवैध शराब की बिक्री की कोई शिकायत नहीं है। शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
रामभज, डीईटीओ।
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