अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर परिषद द्वारा शुरू किया गया अभियान दम तोड़ गया है। इसके चलते शहर के मुख्य बाजारों से लेकर सभी मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण ने पैर पसार लिए हैं। इससे जहां बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण होने से शहर में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इतना ही नहीं अतिक्रमण रोकने के लिए बाजारों में खींची गई पीली पट्टी भी बेमानी हो गई है।
दरअसल शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए करीब चार साल पहले अदालत के आदेश पर काम शुरू किया गया। इसके तहत पक्के अवैध निर्माण को तोड़ा गया, लेकिन प्रशासन के ढीले रवैये के चलते फिर से मुख्य बाजार व मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण पैर पसार रहा है। इससे शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बनी रहती है। एक बार फिर शहर में जाम की गिरफ्त में है।
मेन बाजार में पीली पट्टी बनी बेमानी
पक्के अतिक्रमण को हटाने के बाद मेन बाजार की गली करीब चार फुट तक चौड़ी हो गई थी, लेकिन यहां फिर से अतिक्रमण होने लगा। इसको रोकने के लिए नगर परिषद ने जनवरी में खास अभियान शुरू किया। इसके तहत दुकानों के बाहर पीली पट्टी खींची गई। नियम बना कि कोई भी दुकानदार पीली पट्टी से आगे सामान नहीं निकालेगा। समय बीतने के साथ यह निमय बेमानी बन गया। फिलहाल दुकानदारों ने पीली पट्टी को पीछे छोड़ कर अतिक्रमण को आगे बढ़ा लिया।
कई जगह लगता है जाम
अतिक्रमण के चलते शहर के गोहाना रोड, पटियाला चौक, रेलवे रोड, एसडी स्कूल, रोहतक रोड, भिवानी रोड व हांसी रोड जैसे स्थानों पर अतिक्रमण काफी अधिक रहता है। अतिक्रमण के कारण यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर के घंटा घर से लेकर पुरानी टेलीफोन एक्सचेंज तक अतिक्रमण के कारण दिन भर लोगों को परेशानी रहती है। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय के बाहर भी अतिक्रमण का बोलबाला है।
अवैध पार्किंग बन रही बाधा
अतिक्रमण के साथ-साथ अवैध पार्किंग भी शहर में भीड़ व जाम का कारण बन रही है। सबसे अधिक परेशानी रानी तालाब से पुरानी अनाज मंडी मोड़ तक रहती है। यहां दिन भर अवैध तरीके से गाड़ियों को खड़ा किया जाता है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। शहर की सुंदरता नगर परिषद के एजेंडे में नहीं है। यही कारण है कि अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती नहीं की जा रही है। पहले भी अदालत के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया गया था। यदि जरूरत हुई तो इस बार भी अदालत की शरण ली जाएगी।
-सुनील भारतीय, सदस्य अन्ना टीम।
चलेगा अभियान, हटेगा अतिक्रमण
अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलता है। उस समय व्यापारियों और नगर परिषद के बीच सहमति बनी थी कि वे पीली रेखा से आगे सामान नहीं लगाएंगे। यदि फिर से शुरू कर दिया है तो वहां कार्रवाई की जाएगी। शहर के दूसरे हिस्सों में भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर थाना के पास पार्किंग बनाई गई है इससे काफी हद तक गाड़ियों से लगने वाला जाम कम हुआ है।
-पूनम सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, जींद।