अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सोमवार से शुरू हुई कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल का प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ रहा है। गांवों से अपने काम करवाने के लिए आ रहे लोग निराश होकर खाली लौट रहे हैं। दूसरी ओर कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर हाजिरी लगाने के बावजूद सीट पर काम नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार वीरवार को एक बार कुछ ऑपरेटर को काम के लिए सीट पर बैठाया गया, लेकिन कुछ समय के बाद उन्होंने काम बंद कर दिया।
अमर उजाला ने वीरवार को कंप्यूटर ऑपरेटर की हाजिरी की जानकारी ली तो सामने आया कि सोमवार से लगातार सात कर्मचारी रजिस्टर के हिसाब से काम कर रहे हैं, लेकिन सीटें खाली रहती हैं। वहीं आउटसोर्सिंग आधार पर लगे दो कर्मचारियों की हाजिरी लग रही है, जबकि यह लोग भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि जिला भर में 115 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं। इनमें से कुछ लोग हड़ताल में शामिल नहीं हैं और रजिस्टर में हाजिरी लगाकर भी काम नहीं कर रहे हैं। इसके चलते शपथपत्र से लेकर, लाइसेंस फीस व अन्य प्रमाण पत्रों का काम रुका हुआ है। यहां तक कि तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रियां भी नहीं हो पा रही हैं।
करीब 20 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इन लोगों से काम लिया जा रहा है। बाकी कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के बाद ही काम सामान्य होगा।
एमजेडआर बदर, जिला सूचना अधिकारी।