अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नियम 134-ए के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिले दिलवाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा ली गई परीक्षा पर अब अभिभावकों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद काफी अभिभाव उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाने की मांग को लेकर बीईईओ कार्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को बहुत ही कम अंक देकर अयोग्य ठहरा दिया गया है। गौरतलब है कि जिला भर में नियम 134-ए के तहत करीब 2300 सीट खाली हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की परीक्षा में महज 791 विद्यार्थी ही पास हो पाए हैं। परीक्षा परिणाम बीईईओ कार्यालय में चस्पा होते ही अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिन अभिभावकों के बच्चों का चयन होने में बहुत ही कम अंकों की कमी बची है, उन्होंने परीक्षा की जांच पर सवाल उठाए हैं।
दोबारा हो जांच
मेरे बेटे ने छठी कक्षा के लिए परीक्षा दी थी। उसको 54 प्रतिशत अंक दिए गए हैं, जबकि 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी का चयन होना है। ऐसे में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच दोबारा जांच की जाए।
रामफल गर्ग, रामराये गेट।
नहीं हो रही सुनवाई
मेरे बेटे अरुण ने आठवीं कक्षा के लिए परीक्षा दी थी। उसको 52 प्रतिशत अंक मिले हैं। दोबारा जांच के लिए मैंने बीईईओ ऑफिस में आवेदन देना चाहा, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। ऐसे में दोबारा जांच होनी चाहिए।
संतोष कुमारी, पटियाला चौक निवासी
सभी उत्तर पुस्तिकाओं की पहले ही दो बार जांच करवाई गई है। जांच कर्ताओं को खास हिदायत थी कि कोई भी कमी नहीं रहे। ऐसे में गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है। जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है, उनको स्कूल अलाट किए जाएंगे। फिलहाल खाली बची सीटों पर दाखिले के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं।
परणिता मधोक, बीईईओ।