अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कंडेला गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एसएमओ डॉ. राजेश भोला के साथ स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएच्डब्ल्यू शैलेंद्र, बलजिंद्र तथा रोहताश को अपने उच्च अधिकारियों के साथ मारपीट करने व अभद्र व्यवहार करने तथा पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने के चलते निलंबित किए जाने के आदेश दिए हैं। निलंबित किए जाने के आदेश स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेज दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान शैलेंद्र का मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय मेवात होगा। जबकि बलजिंद्र तथा रोहताश का मुख्यालय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं मलेरिया पंचकूला रहेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने आदेश दिए हैं कि मामले से संबंधित हर जानकारी स्वास्थ्य मुख्यालय को उपलब्ध करवाई जाए। हालांकि पुलिस ने इस मामले में रोहताश व बलजिंद्र को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मुख्य आरोपित शैलेंद्र अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
गौरतलब है कि 25 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग के एसएसमओ डॉ. राजेश कंडेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही एमपीएचडब्ल्यू शैलेंद्र, रोहताश तथा बलजिंद्र उनके कार्यालय में घुस मारपीट की थी। जिस पर पुलिस ने एसएमओ की शिकायत पर एमपीएचडब्ल्यू शैलेंद्र, रोहताश तथा बलजिंद्र के खिलाफ मेडिकल एक्ट, मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बलजिंद्र तथा रोहताश को गिरफ्तार कर लिया था जबकि मुख्य आरोपित शैलेंद्र अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएच्डब्ल्यू शैलेंद्र को 27 जनवरी से ही निलंबित किए जाने के आदेश दिए हैं। निलंबित किए जाने के आदेश स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेज दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान शैलेंद्र का मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय मेवात होगा। जबकि बलजिंद्र तथा रोहताश का मुख्यालय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं मलेरिया पंचकूला रहेगा। सीएमओ डॉ. संजय दहिया ने बताया कि विभाग द्वारा जो जानकारी मांगी गई थी वो उपलब्ध करवा दी गई है। तीनों स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित किया गया है।