मंदिर अधिग्रहण मामले में प्रदर्शन 15 को
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
माता भंभौरी धाम का सरकार की ओर से अधिग्रहण किए जाने के फैसले के विरोध में लोग उतर आए है। विभिन्न खापों, सरपंचों और पार्षदों ने बैठक कर सरकार के फैसले पर विरोध जताया और 15 दिसंबर को शहर में प्रदर्शन का निर्णय लिया।
बुधवार को जाट धर्मशाला में माता भंभौरी धाम के अधिग्रहण मसले पर बैठक हुई। बैठक मेें खाप प्रतिनिधियों कर्मचारी नेताओं, सरपंचों, पार्षदों औरअन्य गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। जिनमें सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेवा सिंह मोर, सर्वजातीय सर्वखाप राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रधान कंडेला खाप टेकराम, भनवाला खाप के प्रधान व कर्मचारी नेता किताब सिंह, देशवाल खाप से प्यारे लाल, सरपंच एसोसिएशन से हरपाल ढुल, अहलवात खाप से संदीप सरपंच, मुकेश कुमार सरपंच शाहपुर, संजय सरपंच जीतगढ, उमेद सिंह रेढु जिला पार्षद, जितेंद्र चहल पार्षद, पूर्व सरपंच कृष्ण चंद पिंडारा, राजेन्द्र कैरखेडी सरपंच, जगदीश सरपंच दालमवाल, अनिल सरपंच मांडो खेडी, वेदपाल सरपंच सिवाहा, जगमोहन सरपंच बहोत वाला, जोगिन्द्र सिंह सरपंच बरसोला, सुधीर कौशिक एमसी, सुभाष जांगडा एमसी और महासिंह भुराणिया आदि शामिल रहे।
टेकराम कंडेला, मेवा सिंह छात्तर, किताब सिंह भनवाला, हरपाल सिंह ढुल सरपंच ने कहा कि माता भंभौरी धाम का सरकारीकरण करके सरकार ने 36 बिरादरी की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। इसलिए जिले की सभी खापों/टपों ने फैसला किया है कि 15 दिसंबर को पुरानी अनाज मंडी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।