जींद। शहर थाना नरवाना पुलिस ने लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नरवाना और उचाना से 9.85 लाख रुपये लूटे थे। आरोपियों ने रिमांड के दौरान खुलासा किया कि उन्होंने नशे की पूर्ति के लिए वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों में एक जेबीटी, एक एचटेट, एक बीए पास है। पुलिस ने आरोपियों से लूट के साढ़े आठ लाख रुपये, लूटी गई स्कूटी, तीन पिस्तौल और 25 कारतूस बरामद किए हैं। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार पांच फरवरी को नरवाना की किशन चंद कॉलोनी निवासी जयपाल ने शिकायत में बताया था कि वह नरवाना मंडी में आढ़त की दुकान चलाता है। उसका मुनीम विजय और वह बैंक से 8.85 लाख रुपये की नकदी लेकर स्कूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान तीन युवकों ने पिस्तौल के बल पर 8.85 लाख रुपये लूट लिए। इसके अलावा एक जनवरी को व्यापारी प्रवीन के मुनीम सुनील ने शिकायत में बताया था कि वह नरवाना में एक बैंक से एक लाख रुपये की नकदी निकलवा कर स्कूटी पर जा रहा था। इस दौरान बाइक सवारों ने नकदी और स्कूटी छीन ली। इसके अलावा उचाना थाने में दर्ज शिकायत में एक युवक ने बताया कि आरोपियों ने उससे करीब 23 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
जांच के आधार पर सीआईए इंचार्ज धर्मबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने काकड़ौद निवासी अमित उर्फ मिता, मनदीप, प्रवीन उर्फ बोबली व खेड़ी मसानियां निवासी दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चारों को शनिवार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपियों ने उक्त तीनों वारदात को अंजाम देने की बात कुबूल की। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने नशे की पूर्ति और खुद के खर्च चलाने के लिए यह रास्ता अपनाया। आरोपी अमित जेबीटी व एचटेट पास जबकि दीपक ग्रेजुएट है। अन्य दो आरोपी 12वीं पास हैं।
बेरोजगारी के कारण बना नशे का आदी
अमित पढ़ा-लिखा होने के बावजूद भी बेरोजगार था। इसके अलावा अमित को नशे की आदत हो चुकी थी। वह खुद को इंजेक्शन लगाकर नशा करता और बाद में नशे की गोलियां खाने का आदी हो गया। जब नशे के लिए रुपये नहीं मिलते थे तो उसने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पहले करते थे रैकी, बाद में वारदात
लूट की योजना को अंजाम देने के लिए यह लोग पहले बैंक समेत अन्य स्थानों पर रैकी करते थे। जब लगता था कि कोई व्यक्ति पैसे लेकर आया है तो वह पिस्तौल के बल पर पैसे छीनकर फरार हो जाते।
पिस्तौल के बल पर लूट की वारदात को अंजाम देने के चारों आरोपियों से 8.50 लाख रुपये, एक स्कूटी, बाइक, तीन पिस्तौल व 25 कारतूस बरामद किए है। सोमवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- महेंद्र सिंह, शहर थाना नरवाना प्रभारी