पांच राज्यों के तीन हजार श्रद्धालुओं ने लिया कन्या भ्रूण हत्या न करने का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। गीता विद्या मंदिर स्कूल उचाना में एसएस जैन सभा द्वारा आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम में पहुंचे उत्तर प्रदेश, हिमाचल, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तरखंड, चंडीगढ़ के महिला, पुरुषों ने कन्या भ्रूण हत्या न करने का संकल्प लिया। करीब तीन हजार श्रद्धालुओं ने बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने, कन्या भ्रूण हत्या न करने, नशा से दूर रहने का संकल्प लिया। गुरुदेव सुदर्शन लाल महाराज के शिष्य अचल मुनि महाराज ने बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने का संकल्प भी श्रद्धालुओं को दोनों हाथ खड़े करवा कर दिलवाया। इस दौरान शीतल मुनि, अतिशय मुनि, अखिल मुनि, निखिल मुनि ठाणे-5 भी मौजूद रहे। कार्यक्रम आयोजकों द्वारा तीन हजार श्रद्धालुओं के बैठने का इंतजाम किया हुआ था। कार्यक्रम में पहुंची भीड़ के चलते कार्यक्रम स्थल छोटा पड़ गया। कन्या भ्रूण हत्या पर कटाक्ष करने वाला नाटक गीता विद्या मंदिर स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया।
एसएस जैन सभा की महिला विंग द्वारा एसएस जैन सभा के पूर्व प्रधान मदन लाल जैन बड़ौदा की पोती दीपा जैन को आईपीसीसी (ओल्ड सेमेस्ट) सीए के दूसरे लेवल में ऑल इंडिया में टॉप पर रहने पर जैन गौरव बेटी पुरस्कार, प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। स्कूल प्राचार्या सविता सिंगला ने भी स्कूल की तरफ से मेडल पहना कर सम्मानित किया।
अचल मुनि महाराज ने कहा कि बेटियों को बचाने की मुहिम आज से नहीं बल्कि सदियों पहले भगवान महावीर स्वामी ने शुरू की थी। कन्या भ्रूण हत्या करने वालों को मंदिर, वैष्णो देवी जाकर पूजा-अर्चना करने का हक नहीं है। गर्भ में ही बेटी को मरवाने के लिए काफी हद तक सास की भागीदारी होती है, जो पोते ही चाह में गर्भ में पोती को मरवा देती है। बेटी अपना भाग्य खुद लेकर आती है। देश की आजादी में लक्ष्मी बाई ने अहम भूमिका अदा की तो अंतरिक्ष में जाने वाली डॉ. कल्पना चावला, खेलों में देश का नाम रोशन करने वाली साइना नेहवाल, सानिया मिर्जा बेटी ही तो हैं। बेटी भी बेटों की तरह परिवार का नाम रोशन करती है तो क्यों बेटी को गर्भ में मार कर पाप के भागीदारी बन रहे हो। महिला को गर्भ में बेटी मरवाने से पहले सोचना चाहिए कि वो भी किसी की बेटी है। उन्होंने कहा कि दुर्गा अष्टमी पर कन्याओं को भोजन करवाते हो, माता लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा की पूजा करत हो, लेकिन बेटियों से नफरत क्यो? बेटियों की संख्या बेटों के जन्म के मुकाबले कम हो रही है जो चिंता का विषय है। ज्यादा बेटी होने पर बेटी का नाम रामभतेरी रख सकते हैं तो अधिक बेटे होने पर बेटे का नाम रामभतेरा क्यों नहीं रख सकते।
अचल मुनि ने कहा कि कार्यक्रम में पहुंचे कई राज्यों के श्रद्धालुओं के साथ उचाना के लोग यह संकल्प लेकर जाएं कि कन्या भ्रूण हत्या करने में वे सहयोग नहीं करेंगे, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या करने वालों की जानकारी प्रशासन को देंगे। ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। एसएस जैन सभा के महामंत्री दयानंद जैन ने बताया कि 12 अगस्त को मंडी में शेड के नीचे व्यापारी सम्मेलन होगा। स्कूल प्रबंधक कमेटी सचिव आरके गोयल ने कहा कि एक नहीं तो वंश चलाती है बेटियां, फिर भी गर्भ में मारी जाती है बेटियां। कैसे खाओगे उनके हाथ की रोटी जब पैदा ही नहीं होगी बेटी। बहुत खुशनसीब होते हैं वो जिसको पहली औलाद बेटी होती है। इस मौके पर यूपी से संजय जैन, अमित जैन, आशीष जैन, हिमाचाल से रमन जैन, पजाब से सुधीर जैन, हन्नी लुधियाना, राजीव बुढलाड़ा, रामजीदास मानसा, राकेश, मनोज, दिल्ली, दिनेश, योगेश, गौरव चंडीगढ़, सोनू जैन नरवाना, सत्यप्रकाश जींद, विकास, समकित उत्तराखंड, रामनिवास बुडायन, मदन लोधर, जियालाल जैन, भूषण घसो, सज्जन जैन, टेकचंद, सुरेश कलौदा, सज्जन चौधरी, रामचंद्र जैन, सुरेश गर्ग मौजूद रहे। कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद स्कूल वाला रोड काफी देर तक जाम रहा। व्यवस्था को बनाने के लिए उचाना नंदी सेवा संघ द्वारा अपनी टीम के साथ ड्यूटी दी।