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अब लाडो के अधिकारों के लिए आएगा ऐप

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। महिलाओं को उनके अधिकारों का ज्ञान नहीं होना उनके शोषण का सबसे बड़ा कारण रहा है। पिछले आठ साल से महिला के अधिकारों को दिलाने और उनकी जागरूकता पर कार्य कर रहे बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच एवं सेल्फी विद डॉटर अंतरराष्ट्रीय अभियान के जनक सुनील जागलान द्वारा ‘सल्फी विद डॉटर एप’ तैयार करवाया जा रहा है जिसमें ‘सेल्फी विद डॉटर राइट्स’ होंगे।
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जागलान ने बताया कि आज के समय में यह बहुत जरूरी है कि महिलाओं को उनके अधिकारों का ज्ञान हो लेकिन इसके लिए जमीनी स्तर पर बहुत कम कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह स्कूल व कॉलेज में जाकर महिला अधिकारों से संबंधित ‘जागरूक लाडो सुरक्षित लाडो’ वस्तुनिष्ठ लिखित प्रतियोगिता करवाते हैं। इससे पता चला है कि छात्राओं से लेकर शिक्षिकाओं को भी उनका ज्ञान नहीं है। इसको लेकर जागलान ने काफी अध्ययन किया और अलग-अलग धर्म के लिए भी कुछ अधिकार हैं जिनका संकलन किया है। इसको हमने ‘सेल्फी विद डॉटर राइट्स’ का नाम दिया है। इसे सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के तहत तैयार करवाया है। यह इसी सप्ताह लांच किया जाएगा। जिस तरह सेल्फी विद डॉटर लड़कियों के चेहरे पर ख़ुशी लाने व गर्वित महसूस करने का काम करता है उसी प्रकार’ सेल्फी विद डॉटर राइट्स एप’ उस मुस्कान को हमेशा बरकरार रखने का काम करेगा। इस ऐप में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई व अन्य सभी महिलाओं के अधिकार जैसे पुरुषों व महिलाओं का समान वेतन करने के विधिक प्रावधान, निर्भयता एक्ट, व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार, प्रजनन का अधिकार, यौन उत्पीड़न अधिनियम, महिलाओं से संबंधित अपराजित कानून अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पीएनडीटी एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉस्को अधिनियम, तलाक संबंधी, महिलाओं के लिए लागू योजनाएं, राष्ट्रीय महिला आयोग व उसके कार्यशैली, महिला सुरक्षा के आधुनिक गैजेट, सुरक्षा कैसे की जाए, महिला सुरक्षा को समर्पित प्रयास, महिलाओं के सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, विवाह पंजीकरण, बच्चा गोद लेना और महिलाओं के हक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले इत्यादि महत्वपूर्ण जानकारी जिस पर आज तक कोई किताब या एप नहीं बना है वो सब इसका हिस्सा हैं। भविष्य में इस पर किताब का भी प्रकाशन करवाया जाएगा। अभी सेल्फी विद डॉटर सप्ताह चल रहा है और इस दौरान हम महिलाओं के लिए जमीनी स्तर पर अलग कार्य करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेल्फी विद डॉटर की बार-बार प्रशंसा करने से हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने में प्रतिबद्ध रहें। हम सेल्फी विद डॉटर को परिभाषित कर रहे हैं जैसे पहले लिंगानुपात संवेदनशीलता पर सेल्फी विद डॉटर क्लासेज स्कूलों में लगाईं।
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