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अब सड़ांध से शहर को बचाने के लिए नगरपरिषद डाल रही कूड़े के ढेरों पर चूना

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सड़ांध से शहर को बचाने के लिए नगर परिषद डाल रही कूड़े के ढेरों पर चूना
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जींद।
दो सप्ताह से नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरा शहर कूड़े से अट गया है। अब कूड़ा सड़ांध मारने लगा है। नगर परिषद प्रशासन सफाई के लिए तो कोई इंतजाम नहीं कर पाया, लेकिन शहर को सड़ांध से बचाने के लिए कूड़े के ढेरों पर चूने का छिड़काव कर रहा है। इसके लिए 100 कट्टे चूना खरीदा है।
सफाई व्यवस्था ठप होने के बाद प्रतिदिन शहर में सफाई करने का ढिंढोरा पीटने वाली सामाजिक संस्थाएं पूरे सीन से गायब नजर आ रही हैं। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर से प्रतिदिन 70 टन कूड़ा निकलता है, हालांकि कुछ दिन तक प्रशासन सफाई करवाता रहा, लेकिन 4 दिन से पूरी तरह सफाई व्यवस्था ठप है। शनिवार को नगर परिषद प्रशासन ने अपने कुछ लोगों को साथ लेकर सफाई अभियान चलाने की कोशिश की लेकिन सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद के वाहनों को चलने नहीं दिया और उनके टायर पंक्चर कर दिए। सफाई कर्मचारियों ने रात को भी नगरपरिषद के बाकी बचे वाहनों में पंक्चर कर दिया। सफाई नहीं होने से भारत सिनेमा, रामराय गेट, शीतलपुरी कॉलोनी, पटियाला चौक क्षेत्र, पुरानी अनाजमंडी, घंटाघर, पुराना हांसी रोड, अर्बन एस्टेट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। यहां पड़ा कूड़ा सड़ांध मारने लग गया है। सड़ांध से लोगों को बचाने के लिए नगरपरिषद ने 100 कट्टे चूना खरीदा है जिसे कूड़े के ढेरों पर डाला जा रहा है ताकि बदबू को कम किया जा सके।
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झगड़े पर उतारू हैं सफाई कर्मचारी : नाडा
नगरपरिषद के पूर्व चेयरमैन एवं सामाजिक संस्था सेव के प्रधान नरेंद्र कुमार नाडा ने कहा कि वे हर शनिवार को जिले में सफाई अभियान चलाते थे लेकिन अब सफाई कर्मचारी उनके अभियान को चलाने नहीं दे रहे। उनके पास 25-30 लोगों की टीम है। जहां भी सफाई अभियान चलाने की कोशिश करते हैं, नगरपरिषद के सफाई कर्मचारी झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस भी इसमें मदद नहीं करती। इसलिए अब सफाई अभियान बंद करना पड़ रहा है।

नहीं मिल रहे संसाधन
अन्ना टीम के संयोजक सुनील वशिष्ठ ने कहा कि वे नगर परिषद के संसाधनों की सहायता से सफाई अभियान चलाते थे लेकिन नगरपरिषद के पास अब संसाधन ही नहीं हैं। उन्होंने रानी तालाब के आसपास सुबह सफाई अभियान चलाने की कोशिश की लेकिन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। हरियाणा के कई जिलों में प्रशासन अपने प्रयासों से सफाई अभियान चला रहा है लेकिन जींद में प्रशासन ऐसा प्रयास नहीं कर रहा। इसके लिए शहर के लोगों को आगे आना होगा, ताकि सफाई की जा सके।

हर जगह लगे कूड़े के ढेर
शहर में कूड़े कर्कट के ढेर लगे होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े लगे ढेरों से बदबू आ रही है। प्रशासन को कोई दूसरा विकल्प सोचना होगा। अगर जल्द ही सफाई कर्मचारियों की मांगों का हल नहीं निकला तो शहर में बीमारी फैल सकती है।
नीरू बंसल, बैंक रोड निवासी।

घर से निकलना हुआ मुश्किल
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होने से गलियों में लगे कूड़े के ढेरों से बदबू आ रही है। इससे घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। कुछ दिन ओर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे तो आने वाले समय में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
प्रीतम सैनी, रोहतक रोड निवासी।

सरकार व प्रशासन आगे आए
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल काफी समय से चल रही है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आमजन को भुगतना पड़ रहा है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। सरकार व प्रशासन को अब आगे आना होगा।
आकाश ढांडा, सुंदर नगर निवासी।
बॉक्स
कॉलोनी में सफाई व्यवस्था काफी खराब होती जा रही है। दो सप्ताह होने को हैं, लेकिन अभी सफाई कर्मचारियों का धरना जारी है। घर से बाहर निकलते ही कूड़े के ढेर लगे मिलते हैं, बदबू घरों के अंदर तक आ रही है। इससे बीमारी फैलने डर बना हुआ है।
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गणेश दीप शर्मा, शीतलपुरी कॉलोनी निवासी।

जल्द निकालेंगे समाधान
नगरपरिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दिक्कत आ रही है। जो संसाधन उपलब्ध हैं, उनसे काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा और सफाई करवाई जाएगी।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगरपरिषद, जींद।
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