फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामान न ही सम्मान

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। एक तरफ तो सरकार बुजुर्गों को सम्मान देने के लिए खास अभियान चला रही है, लेकिन लघु सचिवालय में ही बुजुर्गों की बेकद्री हो रही है। यहां वृद्धावस्था पेंशन और पहचान पत्र के कामों के लिए आने वाले बुजुर्गों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है।
विज्ञापन

बुजुर्गों की पेंशन का काम समाज कल्याण विभाग देखता है। समाज कल्याण विभाग का कार्यालय लघु सचिवालय में प्रथम तल पर शिफ्ट कर दिया गया है। यहां पहुंचने के लिए बुजुर्गों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। यहां बुजुर्गों को न तो सम्मान मिल रहा है और न ही सामान। दरअसल समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं। प्रथम तल तक जाने के लिए हालांकि लघु सचिवालय में लिफ्ट लगाई गई है, लेकिन यह अक्सर खराब रहती है। बुजुर्गों ने कहा कि यह कार्यालय भूतल पर ही होना चाहिए, कि उन्हें कार्यालय तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। जैसे तैसे कर बुजुर्ग प्रथम तल तक पहुंच भी जाते हैं तो यहां उनके बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे बुजुर्ग को फर्श पर ही अपना डेरा लगाना पड़ता है। बुजुर्गों ने बताया कि उनका काम होने में या सीट पर कोई कर्मचारी नहीं मिलने की सूरत में उन्हेें इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
लगवाई जाएंगी कुर्सियां
मैंने बुधवार को इस भवन का निरीक्षण किया था। तब लिफ्ट चल रही थी। इसको ठीक करने के लिए आदेश दिए जाएंगे। बुजुर्गों को बैठने के लिए यदि परेशानी आ रही है तो यहां कुर्सियों और बैंच की व्यवस्था कर दी जाएगी।
विज्ञापन

अमित खत्री, डीसी।

डीसी साहब, दूसरे गांव में जाना पड़ता है पेंशन लेने, गांव में ही करवा दो इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
गोंसाई खेड़ा गांव के बुजुर्गों ने गांव में ही बुढ़ापा पेंशन वितरण की मांग को लेकर डीसी अमित खत्री से गुहार लगाई। डीसी ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीसी से मिलने पहुंचे गोंसाई खेड़ा गांव निवासी बुजुर्ग और विधवा पेंशन धारकों ने कहा कि उनका बैंक खाता शामलो कलां गांव में है। जो उनके गांव से तीन-चार किलोमीटर दूर है। इन लोगों ने कहा कि खाते में पेंशन आने की तारीख भी तय नहीं है, जिससे वे एक निश्चित दिन जाकर अपनी पेंशन प्राप्त कर लें। ऐसे में उन्हें कई बार चक्कर काटने पड़ते हैं। इन लोगों ने कहा कि गांव में ऐसी व्यवस्था की जाए कि बैंक का एक कर्मचारी गोंसाई खेड़ा गांव में आकर पेंशन का वितरण करे। इस दौरान सूरता, केलो देवी, सूरजमल, खजानी, नन्हा, भतेरी, रामरती व मूर्ति मौजूद रहे।
विज्ञापन

फोटो नंबर
17जेएनडी20: समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के बाहर फर्श पर लेटे बुजुर्ग और खराब पड़ी लिफ्ट।
17जेएनडी21: डीसी से मिलने पहुंचे गोसांई खेड़ा के बुजुर्ग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें